
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के नतीजे आने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में अंदरूनी मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। उपचुनाव में पार्टी तीसरे स्थान पर रही, जबकि जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने जीत दर्ज की। चुनावी हार के बाद संगठन की कार्यशैली और नेतृत्व को लेकर पार्टी नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे RJD की अंदरूनी राजनीति चर्चा का विषय बन गई है।
हार के बाद संगठन पर उठे सवाल
उपचुनाव के नतीजों के बाद RJD विधायक भाई वीरेंद्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पार्टी की हार का मुख्य कारण संगठन की कमजोरी है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर पार्टी भरोसा कर रही है, उनका समाज में कोई प्रभाव नहीं है। उनके अनुसार, पार्टी को अपनी रणनीति और संगठनात्मक ढांचे की गंभीर समीक्षा करने की जरूरत है।
शक्ति यादव ने किया पलटवार
भाई वीरेंद्र के बयान के बाद RJD के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने बिना नाम लिए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग संगठन पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या योगदान दिया है। शक्ति यादव ने कहा कि पार्टी को मजबूत बनाने की जिम्मेदारी सभी नेताओं की है और हर व्यक्ति को अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

भाई वीरेंद्र का तीखा जवाब
शक्ति यादव की प्रतिक्रिया के बाद भाई वीरेंद्र ने बुधवार को फिर मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनके नेता लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव हैं। साथ ही उन्होंने शक्ति यादव पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि वह चाहें तो उनके बारे में कई बातें सार्वजनिक कर सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि वह लंबे समय से राजनीति में हैं और कई पुराने घटनाक्रमों की जानकारी रखते हैं।
चुनावी हार के बाद बढ़ी राजनीतिक चुनौती
बांकीपुर उपचुनाव में मिली हार ने RJD के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर पार्टी को चुनावी रणनीति की समीक्षा करनी होगी, वहीं दूसरी ओर नेताओं के बीच सार्वजनिक बयानबाजी संगठनात्मक एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में पार्टी नेतृत्व के सामने आंतरिक मतभेदों को संभालना भी बड़ी चुनौती होगी।
