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बांकीपुर उपचुनाव: 198 करोड़ के प्रशांत किशोर और 20 लाख के नीरज कुमार में सीधी टक्कर

बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने राजनीतिक हलकों में दिलचस्प मुकाबले का रूप ले लिया है। एक ओर जन सुराज पार्टी के संस्थापक और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पहली बार चुनावी मैदान में हैं, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जमीनी कार्यकर्ता नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव आयोग को दिए गए हलफनामों में दोनों प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति और प्रोफाइल में बड़ा अंतर सामने आया है।

प्रशांत किशोर के परिवार के पास 198 करोड़ रुपये की संपत्ति

हलफनामे के अनुसार, 49 वर्षीय प्रशांत किशोर और उनकी पत्नी डॉ. जाह्नवी दास के पास कुल लगभग 198 करोड़ रुपये की संपत्ति है। प्रशांत किशोर के नाम करीब 96 करोड़ रुपये, जबकि उनकी पत्नी के नाम लगभग 112 करोड़ रुपये की संपत्ति दर्ज है। प्रशांत किशोर पर 5.77 करोड़ रुपये का बैंक लोन भी है। उनके पास दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, पटना, गुवाहाटी और बक्सर में फ्लैट, प्लॉट और अन्य अचल संपत्तियां हैं। पेशे से राजनीतिक सलाहकार रहे प्रशांत किशोर की कंपनी वेधा वेंचर प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2024-25 में जन सुराज पार्टी को 85 करोड़ रुपये का चंदा भी दिया था। हलफनामे के अनुसार, उनके खिलाफ विभिन्न मामलों में 8 मुकदमे दर्ज हैं, हालांकि किसी भी मामले में आरोप तय नहीं हुए हैं।

बांकीपुर उपचुनाव: 198 करोड़ के प्रशांत किशोर और 20 लाख के नीरज कुमार में सीधी टक्कर

बीजेपी उम्मीदवार नीरज कुमार की कुल संपत्ति 20 लाख रुपये

बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार का आर्थिक प्रोफाइल इससे बिल्कुल अलग है। हलफनामे के अनुसार, उनके पास 20.28 लाख रुपये की कुल संपत्ति है। उनके नाम पर न कोई मकान है और न ही कोई निजी वाहन। उनकी चल संपत्ति करीब 12.28 लाख रुपये, जबकि लगभग 8 लाख रुपये मूल्य की खेती की जमीन उनके नाम दर्ज है। बैंक खाते में करीब 9 लाख रुपये, 70 हजार रुपये नकद और सीमित मात्रा में सोना-चांदी उनकी संपत्ति का हिस्सा है। नीरज कुमार पर कोई कर्ज नहीं है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला भी दर्ज नहीं है। उनकी आय का मुख्य स्रोत खेती और छोटा व्यापार है।

आर्थिक असमानता के बीच दिलचस्प चुनावी मुकाबला

बांकीपुर उपचुनाव अब सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि दो अलग-अलग सामाजिक और आर्थिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों की लड़ाई भी बन गया है। एक तरफ करोड़ों की संपत्ति और राष्ट्रीय पहचान वाले प्रशांत किशोर हैं, जबकि दूसरी तरफ सीमित संसाधनों के साथ जमीनी कार्यकर्ता के रूप में चुनाव लड़ रहे नीरज कुमार। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मतदाता इस मुकाबले में किसे अपना प्रतिनिधि चुनते हैं।

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