
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र से ठीक पहले समाजवादी पार्टी ने योगी सरकार के खिलाफ आक्रामक रणनीति तैयार कर ली है। अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा, किसानों, रोजगार, पेपर लीक, आरक्षण और सरकारी स्कूलों की स्थिति समेत कई मुद्दों को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला।
मॉनसून सत्र से पहले सपा की रणनीति तैयार
सोमवार, 3 अगस्त से शुरू हो रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले समाजवादी पार्टी ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सपा विधायक सदन में जनता से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विधानसभा का सामना करने से बचना चाहती है।
शिक्षा और स्कूल बंदी को बनाया बड़ा मुद्दा
अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के 26,386 सरकारी स्कूल बंद हुए हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सरकार के समय प्रदेश में 1,13,938 स्कूल थे, जबकि अब उनकी संख्या में भारी कमी आई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे अधिक प्राथमिक विद्यालय लखीमपुर खीरी में बंद हुए हैं, जबकि गोरखपुर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी बड़ी संख्या में स्कूल बंद किए गए हैं।
‘PDA समाज को शिक्षा से दूर किया जा रहा’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का सबसे अधिक असर पिछड़े, दलित और आदिवासी समुदाय के छात्रों पर पड़ा है। उनके अनुसार, वर्ष 2017 में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में लगभग 1 करोड़ 17 लाख छात्र पढ़ते थे, जबकि अब यह संख्या घटकर करीब 89 लाख रह गई है।

उन्होंने दावा किया कि लगभग 25 लाख OBC, SC और ST वर्ग के छात्रों की संख्या में कमी आई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
शिक्षकों और सुविधाओं को लेकर भी सवाल
अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या भी लगातार घटी है। उनके अनुसार, 2017 में करीब 4 लाख शिक्षक थे, जबकि अब यह संख्या घटकर 3.40 लाख रह गई है। उन्होंने दावा किया कि 1.40 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं।
उन्होंने सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि हजारों स्कूलों में बिजली, शौचालय, पेयजल और कंप्यूटर जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है।
इन मुद्दों पर भी सरकार को घेरने की तैयारी
अखिलेश यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र में समाजवादी पार्टी MSP, खाद संकट, रोजगार, आरक्षण, पेपर लीक, E20 ईंधन, एक्सप्रेस-वे निर्माण में कथित भ्रष्टाचार, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, जौहर विश्वविद्यालय और किसानों की समस्याओं सहित कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी।
उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने स्कूल बंदी को लेकर एक विस्तृत बुकलेट भी तैयार की है, जिसे सदन और जनता के बीच रखा जाएगा।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के मॉनसून सत्र से पहले समाजवादी पार्टी ने सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपना लिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सदन में सरकार विपक्ष के इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और विभिन्न मुद्दों पर क्या बहस होती है।