
पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद राजनीतिक समीकरणों पर चर्चा तेज हो गई है। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 13.60 लाख से अधिक मतदाताओं की संख्या घट गई, जबकि करीब 7.97 लाख नए मतदाता जुड़े हैं। अब सवाल है कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर और पटियाला जैसे क्षेत्रों में इसका चुनावी असर किस तरह दिखाई दे सकता है।
पंजाब की फाइनल वोटर लिस्ट में क्या बदला?
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा के मुताबिक, पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों की अंतिम मतदाता सूची 12 अक्टूबर 2026 को जारी की गई। अब राज्य में कुल 2,01,00,727 मतदाता दर्ज हैं। पुनरीक्षण शुरू होने से पहले यह संख्या 2,14,61,043 थी।
इस प्रक्रिया में 7,97,263 नए मतदाता जोड़े गए। वहीं, शुरुआती सूची की तुलना में अंतिम सूची में 13,60,316 मतदाता कम हैं। अधिकारियों के अनुसार, नामों में बदलाव के पीछे मृत्यु, स्थायी रूप से स्थान बदलना, मतदाता का पता नहीं मिलना और एक से अधिक जगह पंजीकरण जैसी वजहें शामिल हैं। इसलिए नामों की संख्या में कमी को सीधे किसी राजनीतिक दल के वोट घटने के रूप में नहीं देखा जा सकता।
लुधियाना, अमृतसर और जालंधर पर क्यों है नजर?
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, लुधियाना में 4,16,088, अमृतसर में 2,42,751, जालंधर में 1,84,997, पटियाला में 1,38,624 और मोहाली में 1,53,714 मतदाताओं के नाम चिह्नित किए गए। इन आंकड़ों को समझते समय यह अंतर जरूरी है कि नाम चिह्नित होने और अंतिम सूची से नाम हटाए जाने का अर्थ एक जैसा नहीं है।
इन शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में अलग-अलग राज्यों से आए प्रवासी कामगार भी रहते हैं। ऐसे में पात्र मतदाताओं के पंजीकरण और पते की सही जानकारी महत्वपूर्ण है। लेकिन यह मान लेना सही नहीं होगा कि प्रवासी मतदाता किसी एक पार्टी को ही समर्थन देते हैं या सूची में बदलाव का फायदा किसी एक दल को निश्चित रूप से मिलेगा।

2022 और 2024 के चुनावी नतीजे क्या बताते हैं?
लुधियाना में 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जिले की नौ में से आठ सीटों पर जीत दर्ज की थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में तस्वीर अलग थी। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी ने लुधियाना संसदीय क्षेत्र की कई विधानसभा सीटों पर कांग्रेस से अधिक वोट हासिल किए थे।
अमृतसर और जालंधर में 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन मजबूत रहा, जबकि पटियाला जिले में 2022 में AAP ने सभी आठ विधानसभा सीटें जीती थीं। 2024 के लोकसभा चुनाव में पटियाला जिले की पांच विधानसभा सीटों पर कांग्रेस और तीन पर AAP आगे रही थी। ये नतीजे दिखाते हैं कि अलग-अलग चुनावों में मतदाताओं की पसंद बदल सकती है।
AAP, कांग्रेस और BJP का गणित कैसे बदल सकता है?
मतदाता सूची में बदलाव का चुनावी असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कौन-से क्षेत्रों में कितने पात्र मतदाताओं के नाम जुड़े या हटे हैं और उनका मतदान व्यवहार क्या है। AAP, कांग्रेस और BJP के लिए जरूरी होगा कि वे मतदाता सूची की जांच करें और पात्र नागरिकों को अपना नाम सुनिश्चित करने में मदद दें।
हालांकि, केवल जिलेवार नामों की संख्या के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि किस पार्टी को फायदा या नुकसान होगा। इसके लिए बूथ स्तर के आंकड़े, हटाए गए नामों की वजहें और पिछले चुनावों के परिणामों का विस्तृत विश्लेषण जरूरी है।
मतदाता अपना नाम जरूर जांचें
अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद भी जिन पात्र नागरिकों का नाम छूट गया है, वे निर्वाचन आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी नए मतदाताओं और सूची में शामिल नहीं हो पाए पात्र लोगों को फॉर्म-6 के जरिए आवेदन करने की सलाह दी है।
पंजाब की अंतिम मतदाता सूची 2027 के चुनाव से पहले अहम पड़ाव है, लेकिन इससे AAP, कांग्रेस या BJP में से किसका गणित बिगड़ेगा, यह अभी कहना जल्दबाजी होगी। असली तस्वीर चुनावी क्षेत्रों और बूथ स्तर पर मतदाता सूची तथा मतदान के आंकड़ों की तुलना से ही सामने आएगी।
