
Maharashtra News(speed bharat news): महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। NCP नेताओं की अमित शाह से मुलाकात के बाद पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार 2 नवंबर को अजित पवार गुट के छह बड़े नेता दिल्ली पहुंचे और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस बैठक में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार मौजूद नहीं थे। ऐसे में अब इस मुलाकात को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
अमित शाह से मिलने वाले नेताओं में प्रफुल्ल पटेल छगन भुजबल सुनील तटकरे धनंजय मुंडे हसन मुश्रीफ और दिलीप वलसे पाटिल शामिल रहे। बताया जा रहा है कि इन नेताओं ने महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय दोबारा एनसीपी को देने का मुद्दा उठाया है। फिलहाल वित्त मंत्रालय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास है। अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली थी लेकिन वित्त विभाग उनके पास नहीं आया।
इस बैठक में सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार की गैरमौजूदगी सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे हैं कि क्या पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता अलग रणनीति पर काम कर रहे हैं और क्या पार्टी में नेतृत्व को लेकर कोई खींचतान चल रही है।
हालांकि एनसीपी ने इन चर्चाओं को गलत बताया है। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता उमेश पाटिल के मुताबिक अमित शाह से मिलने का कार्यक्रम पहले से तय था और इसकी जानकारी सुनेत्रा पवार को भी थी। उन्होंने यह भी कहा कि सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार पहले ही अमित शाह से मुलाकात कर चुके हैं और पार्टी के मुद्दों पर चर्चा कर चुके हैं।
इधर मुंबई में अजित पवार के आवास देवगिरी पर सोमवार शाम चार बजे एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक भी बुलाई गई है। इस बैठक में पार्टी के आगे के कामकाज और हाल के चुनावी नतीजों पर चर्चा होने की बात कही जा रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि अमित शाह के साथ हुई बैठक और मुंबई में होने वाली कोर कमेटी की चर्चा के बाद पार्टी की तरफ से क्या फैसला सामने आता है।
