दीया मिर्जा पर भड़के संजय निरुपम, रामदास अठावले ने भी सुनाई खरी खरी

MUMBAI NEWS(Speed bharat news): मुंबई में दिवाली से पहले प्रदूषण को लेकर शुरू हुई एक अपील अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बन गई है। दीया मिर्जा दिवाली विवाद में केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी अपनी बात रखी है। उन्होंने अभिनेत्री की ओर से प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील को सही नहीं बताया। उनका कहना है कि भारत के संविधान में हर धर्म के लोगों को अपने त्योहार मनाने की पूरी आजादी दी गई है और दिवाली पर पटाखे फोड़ना भी पुरानी परंपरा का हिस्सा है।
दरअसल अभिनेत्री दीया मिर्जा ने मुंबई में लोगों से प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया था। इस वीडियो को लेकर बीजेपी और शिवसेना के कुछ नेताओं ने आपत्ति जताई। मामला इतना बढ़ गया कि बीएमसी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से दीया मिर्जा का वीडियो ही हटा दिया।
इस पूरे मामले पर रामदास अठावले ने कहा कि दिवाली पर पटाखे जलाने की परंपरा रही है। जिस तरह हिंदू समाज दिवाली मनाता है उसी तरह दूसरे धर्मों के लोग भी अपने त्योहार मनाते हैं। उन्होंने ईद और रमजान का जिक्र करते हुए कहा कि अलग अलग समुदायों के लोग एक दूसरे के त्योहारों में भी शामिल होते हैं।
वहीं शिवसेना नेता संजय निरुपम ने दीया मिर्जा के बयान पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिवाली पर दीये जलाना और रोशनी करना सदियों पुरानी परंपरा है। अभिनेत्री को धार्मिक मामलों में दखल नहीं देना चाहिए। उन्होंने सड़क पर नमाज पढ़ने की परंपरा को लेकर भी सवाल उठाए।
दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस मुद्दे पर बीजेपी को घेर लिया है। महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रवक्ता अतुल लोंढे पाटिल ने कहा कि अगर कोई पर्यावरण और प्रदूषण की बात करता है तो इसमें गलत क्या है। उन्होंने महाराष्ट्र में सूखे और देश के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति का भी जिक्र किया।
कांग्रेस नेता ने सवाल उठाया कि जब लाखों पेड़ काटे जाते हैं तो उस पर आवाज उठाने वालों को धर्म विरोधी क्यों बताया जाता है। अब यह मामला सिर्फ दिवाली मनाने तक सीमित नहीं रहा बल्कि पर्यावरण और धार्मिक परंपराओं को लेकर राजनीतिक बहस का रूप ले चुका है।
