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आशुतोष रांका और सौरव दास पर किन धाराओं में FIR, कितनी हो सकती है सजा? जानिए पूरा मामला

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की कोशिश के बाद CJP नेताओं आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे की गिरफ्तारी ने कानूनी सवाल खड़े कर दिए हैं। वकीलों के मुताबिक, FIR में आपराधिक अतिक्रमण समेत कुछ धाराएं लगाई गई हैं, लेकिन पूरी FIR सामने नहीं आने से स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

प्रतिबंधित इलाके में पहुंचने का आरोप

मंगलवार, 13 अक्टूबर को आशुतोष रांका और सौरव दास जंतर-मंतर के पास प्रतिबंधित क्षेत्र में पहुंचे थे। वहां सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग की गई थी और प्रदर्शन की अनुमति नहीं थी। आरोप है कि दोनों बैरिकेड पार कर वहां पहुंचे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की।

इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। अजिंक्य शिंदे को भी पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

वकील ने बताईं संभावित धाराएं

CJP के वकील अंगद गौतम का कहना है कि पुलिस ने क्रिमिनल ट्रेसपास से जुड़ी धाराएं लगाए जाने की जानकारी दी है। उन्होंने यह भी बताया कि सार्वजनिक अधिकारी के आदेश की अवज्ञा से संबंधित प्रावधान लगाए जा सकते हैं।

हालांकि, वकील के मुताबिक बार-बार मांग किए जाने के बावजूद उन्हें FIR की कॉपी नहीं मिली है। इसलिए अभी यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि आरोपियों पर अंतिम रूप से कौन-कौन सी धाराएं दर्ज हुई हैं।

कितनी हो सकती है सजा?

अगर आपराधिक अतिक्रमण का आरोप साबित होता है, तो संबंधित प्रावधान के तहत जेल और जुर्माने का प्रावधान हो सकता है। इसी तरह वैध सरकारी आदेश की अवज्ञा के मामले में परिस्थितियों के आधार पर अलग-अलग सजा का प्रावधान है।

Aaj Ka Mausam: आज यानी 14 अक्टूबर को देश के कई भागों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है. कहीं तेज आंधी के साथ बारिश हो सकती है, कहीं बिजली चमकने और ओले गिरने की आशंका है. तेज हवाएं चलने का अलर्ट भी जारी किया किया गया है. पहाड़ी राज्यों में लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की हिदायत दी गई है.

मौसम विभाग के अनुसार, मौसम में ये बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हो सकता है. आईएमडी के मुुताबिक, देश की राजधानी दिल्ली में आमतौर पर बादलों का डेरा रह सकता है. अधिकतम 34 और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रह सकता है. दिल्ली में कल यानी 15 अक्टूबर को आंधी-बारिश देखने को मिल सकती है. 16 अक्टूबर को भी राज्य में ऐसा ही मौसम रह सकता है.

यूपी-बिहार में आंधी-बारिश
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आज मौसम बिगड़ सकता है. बिजनौर, अमरोहा, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बुलंदशहर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा समेत कई इलाकों में आंधी और बारिश हो सकती है. कई जिलों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. बिहार के कई जिलों में आंधी और बारिश को लेकर चेतावनी है. झारखंड में बारिश और तेज हवाओं का प्रभाव रहने वाला है.

राजस्थान और हरियाणा में ओलावृष्टि
पंजाब के कई इलाकों में बारिश और आंधी का अलर्ट है. हरियाणा में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर नजर आ सकता है. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बिजली चमकने और झोंकेदार हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है. राजस्थान के कुछ हिस्सों में बारिश के साथ ओले गिरने की आशंका है. मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी है.

पूर्वोत्तर में पड़ेंगी बौछारें, दक्षिण भारत में बरसेंगे बादल
पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बादल छाए रह सकते हैं और कुछ इलाकों में बौछारें पड़ सकती हैं. दक्षिण भारत में तमिलनाडु और पुडुचेरी में बारिश हो सकती है. कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश बारिश हो सकती है.

पहाड़ी राज्यों में कैसा रहेगा मौसम?
उत्तराखंड में नैनीताल, रुद्रप्रयाग, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर और ऋषिकेश समेत कई इलाकों में बारिश हो सकती है. साथ ही तेज हवाएं चल सकती हैं. हिमाचल प्रदेश में मंडी, कुल्लू, चंबा, सोलन, बिलासपुर, किन्नौर, ऊना और सिरमौर में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है. जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है. तेज हवाएं भी चल सकती हैं.

आदेश की अवज्ञा से सरकारी काम में बाधा या नुकसान का जोखिम पैदा होने पर सजा अलग हो सकती है। वहीं, इससे मानव जीवन, स्वास्थ्य या सुरक्षा को खतरा पैदा होने जैसी गंभीर स्थिति में अधिक सजा का प्रावधान हो सकता है।

मौलिक अधिकार बनाम प्रशासनिक प्रतिबंध

इस मामले में एक अहम सवाल प्रदर्शन के अधिकार को लेकर भी उठ रहा है। CJP के वकीलों का तर्क है कि संविधान का अनुच्छेद 19 नागरिकों को अभिव्यक्ति और शांतिपूर्ण सभा का अधिकार देता है। दूसरी तरफ, प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित प्रतिबंध लगाने का अधिकार रखता है।

यही कारण है कि अदालत में इस मामले की कानूनी व्याख्या महत्वपूर्ण होगी। केवल गिरफ्तारी से किसी व्यक्ति का अपराध सिद्ध नहीं हो जाता। अंतिम फैसला अदालत में उपलब्ध साक्ष्यों और लागू धाराओं के आधार पर होगा।

FIR की कॉपी आने के बाद साफ होगी तस्वीर

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज FIR है। जब इसकी आधिकारिक कॉपी सामने आएगी, तभी यह स्पष्ट होगा कि पुलिस ने वास्तव में कौन-कौन से BNS प्रावधान लगाए हैं और आरोपों का आधार क्या है।

आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य शिंदे की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि यह मामला प्रदर्शन के अधिकार, पुलिस की कार्रवाई और सार्वजनिक व्यवस्था के बीच संतुलन से जुड़ा है। अंततः अदालत ही तय करेगी कि लगाए गए आरोप कितने टिकाऊ हैं और आरोपियों की कानूनी जिम्मेदारी क्या बनती है।

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