
INDIA NEWS(Speed bharat news): 2027 विधानसभा चुनाव देश की राजनीति के लिए बेहद अहम होने वाले हैं। लोकसभा चुनाव 2029 में होने हैं लेकिन उससे पहले सात राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के लिए बड़ी परीक्षा साबित हो सकते हैं। इन चुनावों का असर सिर्फ राज्य की सरकारों पर नहीं बल्कि आने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी पर भी पड़ सकता है।
साल 2027 में उत्तर प्रदेश पंजाब उत्तराखंड गोवा मणिपुर गुजरात और हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन सात राज्यों को मिलाकर विधानसभा की कुल 940 सीटें हैं जबकि लोकसभा की 132 सीटें आती हैं। यानी देश की राजनीति में इन राज्यों की भूमिका काफी बड़ी रहने वाली है।
मौजूदा आंकड़ों पर नजर डालें तो इन सात राज्यों की 940 विधानसभा सीटों में बीजेपी के पास अकेले 557 सीटें हैं। यह कुल सीटों का करीब 59 फीसदी हिस्सा है। वहीं कांग्रेस के पास 98 सीटें हैं जबकि आम आदमी पार्टी के पास 101 सीटें हैं। फिलहाल पांच राज्यों में बीजेपी की सरकार है जबकि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस और पंजाब में आम आदमी पार्टी सत्ता में है।
बीजेपी के लिए सबसे बड़ी बात उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखना होगा। उत्तर प्रदेश की राजनीति का असर सीधे दिल्ली की सत्ता तक पहुंचता है। वहीं पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के सामने भी अपनी लोकप्रियता बनाए रखने की चुनौती होगी। हिमाचल में कांग्रेस अपनी सरकार बचाने के लिए मैदान में उतरेगी।
दरअसल 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी अपने दम पर बहुमत हासिल नहीं कर पाई थी। पार्टी को केवल 240 सीटें मिली थीं। इसके बाद एनडीए के सहयोगी दलों के समर्थन से नरेंद्र मोदी ने तीसरी बार सरकार बनाई थी।
ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए अपनी ताकत दिखाने का मौका होंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इन सात राज्यों के नतीजे विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों के लिए बड़ा संदेश देंगे। यही वजह है कि 2029 की तैयारी में जुटी बीजेपी और विपक्ष की नजर अभी से इन चुनावों पर टिकी हुई है।
