कुरुक्षेत्र में बिजली कटौती पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, पावर हाउस का किया घेराव

कुरुक्षेत्र जिले के भैंसी माजरा गांव में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती के खिलाफ ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार देर रात फूट पड़ा। रात करीब 10 बजे बड़ी संख्या में लोग गांव के पावर हाउस पहुंचे और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए करीब तीन घंटे तक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने नियमित बिजली आपूर्ति, पर्याप्त स्टाफ की नियुक्ति और विभागीय लापरवाही पर सवाल उठाए।
SDO और JE को जमीन पर बैठाकर मांगा जवाब
सूचना मिलने पर पिहोवा बिजली विभाग के ग्रामीण एसडीओ सुभाष कुमार और जेई आकाशदीप मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने दोनों अधिकारियों को घेर लिया और अपने बीच जमीन पर बैठाकर जवाब मांगा। लोगों ने आरोप लगाया कि बिजली लाइन पर काम होने की पूर्व सूचना उपभोक्ताओं को नहीं दी जाती और शिकायतों के बावजूद अधिकारी फोन तक नहीं उठाते।

स्टाफ की कमी और बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि भैंसी माजरा पावर हाउस में न तो स्थायी लाइनमैन तैनात है और न ही फोरमैन। पूरे क्षेत्र की व्यवस्था केवल एक ऑपरेटर के भरोसे चल रही है। बिजली लाइन में फॉल्ट आने पर मरम्मत में घंटों लग जाते हैं, जबकि कई बार ग्रामीणों को खुद ही लाइन ठीक करनी पड़ती है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि बिजली चोरी पर कार्रवाई से पहले कुछ लोगों को सूचना दे दी जाती है।
आश्वासन के बाद खत्म हुआ प्रदर्शन
लंबी वार्ता के बाद एसडीओ सुभाष कुमार ने लाइनमैन और फोरमैन की नियुक्ति का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बिजली कट स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि पंचकूला कंट्रोल सेंटर के निर्देश पर लगाए जाते हैं और लगाए गए अन्य आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारियों के आश्वासन के बाद देर रात ग्रामीण शांत हुए, लेकिन चेतावनी दी कि जल्द सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।