
पंजाब विधानसभा में शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी (AAP) के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया है कि मजीठा से पार्टी विधायक गनीव कौर मजीठिया के साथ विधानसभा के भीतर कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने इस मामले में आम आदमी पार्टी के मंत्रियों और विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
सुखबीर सिंह बादल ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि गनीव कौर मजीठिया विधानसभा के वेल में पहुंचकर स्पीकर कुलतार सिंह संधवां और आम आदमी पार्टी के नेतृत्व के खिलाफ विरोध दर्ज करा रही थीं। उनके अनुसार, विरोध का कारण कथित तौर पर वह टिप्पणी थी, जिसमें आप नेतृत्व और उसके समर्थकों की तुलना “संगत” से किए जाने और “संगत” को “गुरु” से ऊपर बताए जाने का आरोप लगाया गया।
AAP नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप
अकाली दल अध्यक्ष का आरोप है कि विरोध के दौरान आम आदमी पार्टी के मंत्री और विधायक भी वेल में पहुंच गए। उन्होंने दावा किया कि वहां गनीव कौर मजीठिया को कथित रूप से धमकियां दी गईं और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। फिलहाल इन आरोपों पर आम आदमी पार्टी की ओर से इस खबर में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कार्रवाई की मांग और चेतावनी
सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि उनकी पार्टी इस मामले में शामिल सभी कथित दोषी नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो शिरोमणि अकाली दल इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगा और सरकार को महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर घेरने का अभियान चलाएगा।
विधानसभा की गरिमा पर उठे सवाल
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब विधानसभा के भीतर सदस्यों के आचरण और सदन की मर्यादा को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। विपक्ष का कहना है कि जनप्रतिनिधियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था का मूल आधार है, जबकि सत्ता पक्ष की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
फिलहाल यह मामला आरोप और प्रत्यारोप के स्तर पर है। विधानसभा में कथित घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। मामले की पूरी तस्वीर सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और यदि कोई आधिकारिक जांच या कार्रवाई होती है, उसके बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
