
उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री Swami Prasad Maurya एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने भगवान राम को लेकर सवाल उठाए, जिसके बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में बहस तेज हो गई है। उनके बयान पर संत समाज ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
अयोध्या के संत ने दी तीखी प्रतिक्रिया
अयोध्या के संत Vishnu Das Maharaj ने स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिप्पणियां करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था को आहत करती हैं। संत विष्णु दास महाराज ने बेहद आपत्तिजनक प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ सख्त बयान दिया, जिसकी भी विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो रही है।
क्या कहा था स्वामी प्रसाद मौर्य ने?
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि यदि मंदिर से धन और बहुमूल्य वस्तुएं चोरी हो गईं तो भगवान राम उन्हें रोक क्यों नहीं पाए। उन्होंने इस घटना को आधार बनाकर धार्मिक आस्था से जुड़े सवाल उठाए। उनके इस बयान के बाद समर्थक और विरोधी दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं।

पहले भी विवादों में रहे हैं मौर्य
यह पहली बार नहीं है जब स्वामी प्रसाद मौर्य किसी धार्मिक मुद्दे पर दिए गए बयान को लेकर विवादों में आए हों। वर्ष 2023 में उन्होंने Ramcharitmanas की कुछ चौपाइयों पर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे और कई स्थानों पर उनके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके अलावा उन्होंने हिंदू धर्म और हिंदू राष्ट्र जैसे मुद्दों पर भी कई विवादित बयान दिए हैं।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया जारी
स्वामी प्रसाद मौर्य के ताजा बयान के बाद राजनीतिक दलों, धार्मिक संगठनों और सामाजिक समूहों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। जहां उनके समर्थक इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विरोधी इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला बयान बता रहे हैं। फिलहाल यह मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति और सामाजिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।
