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हरियाणा में स्कूल सोसायटियों को बड़ी राहत, जुर्माना माफ करने की तैयारी

हरियाणा की शिक्षा सोसायटियों और निजी स्कूलों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सोमवार को हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेश अध्यक्ष सत्यवान कुंडू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात की। इस दौरान स्कूल सोसायटियों पर लगाए गए भारी जुर्माने का मुद्दा उठाया गया। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा और जुर्माना माफी संबंधी पत्र शीघ्र जारी किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए निर्देश

बैठक के दौरान सत्यवान कुंडू ने मुख्यमंत्री को 17 अक्टूबर 2025 और 29 जनवरी 2026 की पूर्व बैठकों की याद दिलाई, जिनमें जुर्माना माफ करने का आश्वासन दिया गया था। उन्होंने बताया कि आदेश जारी न होने के कारण हजारों शिक्षा सोसायटियों के कई महत्वपूर्ण कार्य अटके हुए हैं। इस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मौके पर ही अपने ओएसडी को संबंधित फाइल मंगाने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

कैसे बढ़ गया लाखों रुपये का जुर्माना?

प्राइवेट स्कूल संघ के अनुसार, सोसायटी एक्ट 2012 के तहत सभी पंजीकृत सोसायटियों को रिन्यू करवाना अनिवार्य किया गया था। वर्ष 2017 से वार्षिक शुल्क जमा करने की ऑनलाइन व्यवस्था लागू की गई। नियमों के अनुसार फीस समय पर जमा न करने पर 20 रुपये प्रतिदिन जुर्माना तय किया गया था। हालांकि, संघ का आरोप है कि इस व्यवस्था की पर्याप्त जानकारी अधिकांश सोसायटियों को नहीं दी गई और वर्ष 2013 से ही जुर्माना जोड़ दिया गया।

हरियाणा में स्कूल सोसायटियों को बड़ी राहत, जुर्माना माफ करने की तैयारी

प्रति सोसायटी सवा लाख रुपये से अधिक बोझ

लगातार जुर्माना जुड़ने के कारण कई शिक्षा सोसायटियों पर बकाया राशि बढ़कर सवा लाख रुपये या उससे भी अधिक हो गई है। निजी स्कूल संचालकों का कहना है कि इतनी बड़ी राशि जमा करना उनके लिए मुश्किल हो गया है, जिससे कई प्रशासनिक और विकास संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। संघ का मानना है कि जुर्माना माफी के बाद सोसायटियां केवल वार्षिक शुल्क जमा कर अपने लंबित कार्य पूरे कर सकेंगी।

हजारों स्कूलों को मिलेगा फायदा

यदि सरकार की ओर से जुर्माना माफी का आदेश जारी होता है, तो इसका लाभ राज्यभर की हजारों शिक्षा सोसायटियों और निजी स्कूलों को मिलेगा। इससे स्कूलों के प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और लंबे समय से लंबित प्रक्रियाओं को पूरा करने में सहायता मिलेगी। अब सभी की नजर सरकार के आधिकारिक आदेश पर टिकी हुई है।

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