
गोरखपुर के बड़हलगंज क्षेत्र में सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर अब ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बन गया है। छह गांव बाढ़ से प्रभावित हैं और सैकड़ों लोगों की दिनचर्या बदल गई है। प्रशासन ने नावों के साथ स्वास्थ्य, पशु चिकित्सा और राहत व्यवस्था भी सक्रिय कर दी है।
सरयू का पानी बढ़ने से छह गांव प्रभावित
बड़हलगंज क्षेत्र में सरयू नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से बगहा, कोटिया निरंजन, ज्ञानकोल, जैतपुर, पटना मुस्तकिल और गोनघट गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। पानी बढ़ने से ग्रामीणों के सामान्य आवागमन पर असर पड़ा है और कई लोगों के लिए रोजमर्रा के काम भी मुश्किल हो गए हैं।
प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
नाव बनी ग्रामीणों के आवागमन का सहारा
बाढ़ प्रभावित गांवों में लोगों की आवाजाही के लिए प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है। पानी से घिरे या प्रभावित रास्तों पर ग्रामीण नाव के जरिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच रहे हैं।
प्रशासन का कहना है कि जलस्तर और परिस्थितियों के अनुसार नावों की संख्या तथा अन्य व्यवस्थाओं को बढ़ाया जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग की टीमें सक्रिय
बाढ़ के बीच बीमारियों का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में सक्रिय हैं। ग्रामीणों का उपचार करने के साथ उन्हें क्लोरीन की गोलियां और ओआरएस के पैकेट भी वितरित किए जा रहे हैं।
स्वास्थ्यकर्मी लोगों को साफ पानी के इस्तेमाल और संक्रमण से बचाव को लेकर भी जागरूक कर रहे हैं।
पशुओं के लिए भी इंतजाम
बाढ़ का असर केवल लोगों तक सीमित नहीं है। प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की देखभाल के लिए पशु चिकित्सकों की टीम भी लगाई गई है।
पशुपालकों को पशुओं के लिए भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि जलभराव की स्थिति में चारे की कमी न हो। जरूरत के अनुसार पशुओं का उपचार भी किया जा रहा है।
राहत सामग्री और कम्युनिटी किचन
प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। ज्ञानकोल गांव में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में राहत सामग्री का वितरण किया गया।
इसके अलावा पिछले दो दिनों से कम्युनिटी किचन के जरिए प्रभावित लोगों को लगातार लंच पैकेट दिए जा रहे हैं। इससे उन परिवारों को तत्काल राहत मिल रही है, जिनके लिए सामान्य तरीके से भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया है।
प्रशासन की निगरानी लगातार जारी
सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन प्रभावित गांवों में लगातार निगरानी कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार नाव, स्वास्थ्य सेवाएं, पशु चिकित्सा, राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था जरूरत के मुताबिक जारी रखी जाएगी।
बड़हलगंज में सरयू का बढ़ता पानी ग्रामीणों के सामने चुनौती खड़ी कर रहा है, लेकिन राहत और बचाव व्यवस्था सक्रिय है। फिलहाल सबसे जरूरी है कि जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए और प्रभावित परिवारों तक समय पर भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था पहुंचती रहे।