
दरभंगा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से सामने आया एक वीडियो अस्पतालों में मरीजों के साथ व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। लावारिस हालत में मिले मरीज को स्ट्रेचर पर ले जाने के बजाय गार्ड द्वारा जमीन पर घसीटने का दृश्य सामने आया, जिसके बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।
मरीज को जमीन पर घसीटने का वीडियो
घटना 21 अगस्त की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में अस्पताल परिसर में एक मरीज जमीन पर पड़ा दिखाई देता है। इसी दौरान एक सुरक्षा गार्ड उसका हाथ पकड़कर उसे खींचते हुए आगे ले जाता नजर आता है।
मरीज की हालत वीडियो में बेहद खराब दिखाई दे रही है। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद DMCH की व्यवस्था और मरीजों की देखभाल को लेकर लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए।
अधीक्षक बोले- ‘मैं शर्मिंदा हूं’
मामला सामने आने के बाद DMCH प्रशासन में हड़कंप मच गया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. जगदीश चंद्र ने घटना की पुष्टि करते हुए इसे बेहद दुखद बताया।
उन्होंने कहा कि अस्पताल से ऐसी तस्वीर सामने आने पर वह शर्मिंदा हैं। प्रशासन के मुताबिक, घटना की जानकारी मिलते ही मरीज को तत्काल इलाज उपलब्ध कराया गया।

मरीज के पैर में था फ्रैक्चर
अस्पताल प्रशासन के अनुसार मरीज के पैर में फ्रैक्चर था। उसे ऑर्थो विभाग में भर्ती कराया गया है और पैर में प्लास्टर किया गया है।
मरीज को दवा और भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत और जरूरत के मुताबिक इलाज जारी है। प्रशासन का कहना है कि मरीज को आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल दी जा रही है।
नाम-पता बताने की स्थिति में नहीं
अस्पताल के मुताबिक मरीज लावारिस है और फिलहाल अपना नाम या पता बताने की स्थिति में नहीं है। उसकी पहचान और परिजनों का पता लगाने के लिए स्थानीय पुलिस की मदद ली जा रही है।
ऐसे मामलों में मरीज की पहचान करना बड़ी चुनौती बन जाता है। फिलहाल अस्पताल प्रशासन मरीज के इलाज के साथ उसकी पहचान सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है।
गार्ड पर कार्रवाई, हेल्थ मैनेजर से जवाब तलब
वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने संबंधित गार्ड की पहचान कर ली। उसके खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित एजेंसी को पत्र भेजा गया है।
इसके अलावा पूरे मामले में हेल्थ मैनेजर से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। अस्पताल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि DMCH में स्ट्रेचर की कोई कमी नहीं है। उनके मुताबिक गार्ड की लापरवाही और नासमझी के कारण मरीज को इस तरह घसीटकर ले जाया गया।
व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना ने अस्पतालों में सुरक्षा गार्ड और अन्य कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार पर सवाल खड़े किए हैं। खासकर लावारिस और गंभीर हालत में मिले मरीजों को अतिरिक्त सहायता और देखभाल की जरूरत होती है।
अस्पताल प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए कर्मचारियों और सुरक्षा गार्डों को सख्त निर्देश देने की बात कही है।
