
हाफिज सईद को लेकर NIA के पूर्व महानिदेशक वाईसी मोदी के एक इंटरव्यू में किए गए दावे ने पाकिस्तान की भूमिका और आतंकी नेटवर्क पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला इसलिए भी अहम है क्योंकि NIA ने पहलगाम आतंकी हमले की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में सईद को आरोपी बनाया है।
हाफिज सईद को लेकर बड़ा दावा
NIA के पूर्व DG वाईसी मोदी ने इंटरव्यू में दावा किया कि हाफिज सईद पाकिस्तान की सरकार और उसकी खुफिया एजेंसी ISI की पनाह में है। उनके मुताबिक, सईद को कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाती है और उसके संपर्कों पर नजर रखने के बजाय उसे संरक्षण मिलने का आरोप है।
मोदी ने यह भी दावा किया कि सईद को सामान्य हिरासत में बताए जाने के बावजूद उसकी गतिविधियां सीमित नहीं हैं।
सुरक्षा घेरे को लेकर भी सवाल
वाईसी मोदी के मुताबिक हाफिज सईद की सुरक्षा में सिर्फ सरकारी सुरक्षा बल ही नहीं, बल्कि कथित तौर पर आतंकियों और पाकिस्तान रेंजर्स का भी सुरक्षा घेरा शामिल रहा है। उन्होंने बहावलपुर और मुरीदके में आतंकी ढांचे के दोबारा सक्रिय होने का भी दावा किया।
हालांकि, इंटरव्यू में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अलग से सामने नहीं आई है।
26/11 से पहलगाम तक सईद का नाम
हाफिज सईद का नाम 26/11 मुंबई आतंकी हमले से लंबे समय से जुड़ा रहा है। अब उसका नाम पहलगाम आतंकी हमले की जांच में भी सामने आया है।

NIA ने जुलाई 2026 में दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में सईद को व्यक्तिगत रूप से और लश्कर-ए-तैयबा तथा उसके प्रॉक्सी संगठन TRF के प्रमुख के तौर पर आरोपी बनाया। एजेंसी ने उस पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने और सीमा पार साजिश से जुड़े आरोप लगाए हैं।
पहलगाम मामले में NIA की कार्रवाई
NIA के अनुसार, पहलगाम हमले की साजिश और उसमें पाकिस्तान स्थित नेटवर्क की भूमिका की जांच के दौरान महत्वपूर्ण सामग्री सामने आई। मूल 1,597 पन्नों की चार्जशीट के बाद दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट में हाफिज सईद की कथित भूमिका और पाकिस्तान से जुड़ी साजिश का विवरण शामिल किया गया है।
22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए हमले में 25 पर्यटकों और एक स्थानीय नागरिक की मौत हुई थी।
अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ेगा दबाव?
वाईसी मोदी ने इंटरव्यू में कहा कि हाफिज सईद के खिलाफ भारतीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आगे बढ़ाना जरूरी है। उनका तर्क है कि जांच और कानूनी प्रक्रिया के जरिए पाकिस्तान पर दबाव बनाया जा सकता है।
इस मामले में जुलाई 2026 में विशेष NIA अदालत ने हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट भी जारी किया था।
हाफिज सईद को लेकर सामने आया यह दावा भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद के मुद्दे को फिर केंद्र में लाता है। हालांकि किसी भी आरोप या दावे का अंतिम मूल्यांकन उपलब्ध आधिकारिक सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही किया जा सकता है। फिलहाल NIA की चार्जशीट ने सईद की कथित भूमिका को लेकर भारत की जांच को एक महत्वपूर्ण कानूनी आधार जरूर दिया है।