
उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर शुक्रवार को प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की। मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज होने के बाद जिला अदालत के आदेश के आधार पर मस्जिद को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान SDM, सिटी मजिस्ट्रेट और भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। एहतियात के तौर पर कलेक्ट्रेट परिसर को भी सुरक्षा घेरे में रखा गया।
जिला अदालत के आदेश के बाद कार्रवाई
कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को हटाने की कार्रवाई जिला अदालत के आदेश के बाद की गई। प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के गेट बंद कर दिए थे, ताकि बाहरी लोगों की अनधिकृत आवाजाही को रोका जा सके।
मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती की गई। आसपास के क्षेत्रों में भी निगरानी बढ़ाई गई। प्रशासन के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए।
बजरंग दल नेता की शिकायत से शुरू हुआ मामला
यह मामला बजरंग दल नेता विकास त्यागी की शिकायत के बाद सामने आया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में मस्जिद का निर्माण अवैध तरीके से किया गया।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि परिसर का इस्तेमाल केवल धार्मिक गतिविधियों के लिए नहीं हो रहा था। उनके मुताबिक, मस्जिद परिसर में डाकघर संचालित होने के साथ बाहरी लोगों को कमरे किराए पर दिए जा रहे थे और किराया मस्जिद कमेटी की ओर से वसूला जा रहा था।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि बाहरी लोगों की लगातार आवाजाही से जिलाधिकारी कार्यालय की सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर चिंता पैदा हो रही थी।
2025 में नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में दायर हुआ वाद
मामले को लेकर प्रशासन ने 24 मार्च 2025 को नगर मजिस्ट्रेट न्यायालय में पब्लिक प्रिमाइसेस एक्ट यानी PP Act के तहत वाद दायर किया था।
इसके बाद नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने 16 जुलाई 2026 को अपने आदेश में संबंधित मस्जिद को अवैध मानते हुए बेदखली और ध्वस्तीकरण के निर्देश दिए। साथ ही करीब 6.5 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति लगाए जाने की जानकारी सामने आई।
मुस्लिम पक्ष ने जिला अदालत में दी थी चुनौती
नगर मजिस्ट्रेट के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने 22 जुलाई 2026 को जिला न्यायालय में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की ओर से अपने-अपने तर्क और दस्तावेज पेश किए गए।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, जिला अदालत ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड और दलीलों की समीक्षा के बाद मुस्लिम पक्ष की अपील खारिज कर दी और मस्जिद हटाने के आदेश को बरकरार रखा।
Places of Worship Act को लेकर भी हुई सुनवाई
मामले की सुनवाई के दौरान Places of Worship Act, 1991 को लेकर भी सवाल उठाया गया। अदालत ने कथित तौर पर माना कि संबंधित संपत्ति पर इस कानून का प्रभाव लागू नहीं होता और इसे अवैध निर्माण से जुड़े मामले में लागू नहीं किया जा सकता।
इसी कानूनी स्थिति के आधार पर मस्जिद को हटाने की कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ।
बुलडोजर से ध्वस्त की गई मस्जिद
जिला अदालत के आदेश के बाद प्रशासन ने शुक्रवार को मस्जिद को हटाने की कार्रवाई शुरू की। सुबह बुलडोजर मौके पर पहुंचा और प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिस बल की मौजूदगी में मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।
कार्रवाई से पहले और उसके दौरान इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। कलेक्ट्रेट परिसर के आसपास भी पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई।
शहर में शांति, प्रशासन अलर्ट
मस्जिद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने पूरे इलाके में निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया है और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी गई है।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सहारनपुर शहर में स्थिति शांतिपूर्ण है। प्रशासन की प्राथमिकता कार्रवाई के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी तरह की भीड़ या तनाव को बढ़ने से रोकना है।
