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स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 1 दिन की पुलिस हिरासत में; वायरल पॉडकास्ट से बढ़ा था विवाद

दिल्ली में जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान मारपीट के मामले को लेकर विवादों में आए स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट के जज के आवास पर पेश किया, जहां से अदालत ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। भारद्वाज को शुक्रवार देर शाम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया था।

एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजे गए भारद्वाज

गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को अदालत के सामने पेश किया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

अब पुलिस हिरासत के दौरान मामले से जुड़े आरोपों, वायरल वीडियो और अन्य तथ्यों को लेकर उनसे पूछताछ कर सकती है। पुलिस आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच जारी रखेगी।

पुरानी FIR में SC-ST एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं

भारद्वाज के खिलाफ दर्ज एक पुरानी FIR में दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को SC-ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी थीं। यह मामला जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति के साथ कथित मारपीट से जुड़ा बताया जा रहा है।

पुलिस की ओर से धाराएं बढ़ाए जाने के बाद मामले ने नया मोड़ लिया और इसके कुछ ही समय बाद भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।

स्वतंत्र भारद्वाज गिरफ्तार, कोर्ट ने भेजा 1 दिन की पुलिस हिरासत में; वायरल पॉडकास्ट से बढ़ा था विवाद

POCSO एक्ट के तहत भी नया मुकदमा

मामले में पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत भी एक अलग मुकदमा दर्ज किया है। यह कार्रवाई एक नाबालिग कार्यकर्ता से जुड़े आरोपों के सामने आने के बाद की गई है।

अब पुलिस दोनों मामलों में अलग-अलग तथ्यों और साक्ष्यों की जांच कर रही है। अदालत में पेशी के बाद भारद्वाज की पुलिस हिरासत भी इसी जांच का हिस्सा है।

3 सितंबर को वायरल हुई थी पॉडकास्ट क्लिप

स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो 3 सितंबर को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वायरल क्लिप में वह कथित तौर पर जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति पर हमला करने की बात करते दिखाई दिए।

वीडियो में भारद्वाज ने कथित तौर पर दावा किया कि उन्होंने व्यक्ति के सिर पर कड़े से वार किया था, जिसके बाद उसे कई टांके लगे। उन्होंने यह भी दावा किया था कि राजनीतिक संपर्कों के कारण उन्हें जेल नहीं जाना पड़ा।

हालांकि, वायरल वीडियो में कही गई बातों का पूरा संदर्भ और उनकी वास्तविक परिस्थितियां पुलिस जांच का विषय हैं।

BJP और LJP नेताओं के नाम का भी जिक्र

वायरल क्लिप में बीजेपी नेता कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान समेत कुछ राजनीतिक लोगों के नाम लिए जाने की बात सामने आई। इसके बाद मामला केवल मारपीट के आरोप तक सीमित नहीं रहा और राजनीतिक विवाद भी तेज हो गया।

विपक्षी दलों और CJP से जुड़े लोगों ने आरोप लगाया कि भारद्वाज को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था। हालांकि चिराग पासवान ने स्वतंत्र भारद्वाज से किसी भी तरह के संबंध होने से इनकार किया है।

CJP ने उठाए थे कार्रवाई पर सवाल

वायरल वीडियो सामने आने के बाद CJP से जुड़े लोगों ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। संगठन से जुड़े नेताओं का आरोप था कि पुलिस ने पहले पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन भी किया था। पुलिस ने कार्रवाई का भरोसा दिया और बाद में भारद्वाज को बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया।

अब जांच में सामने आएगी पूरी तस्वीर

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी और एक दिन की पुलिस हिरासत के बाद मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस अब वायरल वीडियो, पुराने मामले की FIR, SC-ST एक्ट की धाराओं और POCSO से जुड़े नए मुकदमे के तथ्यों की जांच करेगी।

फिलहाल अदालत ने भारद्वाज को एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। आगे की कार्रवाई पुलिस की जांच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगी।

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