अंबाला में निर्माणाधीन तीन मंजिला बिल्डिंग गिरी, मजदूरों की मौत; मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी

हरियाणा के अंबाला शहर के धूलकोट गांव में रविवार को निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत अचानक ढह गई। हादसे के वक्त बड़ी संख्या में मजदूर निर्माण कार्य में जुटे थे। शुरुआती तौर पर चार मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि कई घायल हुए। बाद में अधिकारियों के हवाले से मृतकों की संख्या छह होने की जानकारी सामने आई। मलबे में अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच NDRF, SDRF, पुलिस और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू में जुटी रहीं।
तीसरी मंजिल पर लेंटर डालते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, धूलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत में रविवार दोपहर करीब 3 बजे काम चल रहा था। इसी दौरान तीसरी मंजिल पर कंक्रीट की छत का लेंटर डाला जा रहा था। अचानक इमारत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा और कई मजदूर मलबे में दब गए।
रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे के समय मौके पर करीब 35 से 40 मजदूर काम कर रहे थे। इनमें कुछ मजदूर तीसरी मंजिल पर निर्माण कार्य में लगे थे, जबकि अन्य नीचे काम कर रहे थे।
शुरुआती तौर पर 4 मजदूरों की मौत
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सबसे पहले राहत-बचाव शुरू किया। पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी मौके पर पहुंचीं। 13 मजदूरों को मलबे से बाहर निकालकर अंबाला शहर के सिविल अस्पताल पहुंचाया गया था। अस्पताल में चार मजदूरों को मृत घोषित किया गया।
बाद की रिपोर्टों में अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि रेस्क्यू के दौरान मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई। हालांकि, बचाव अभियान जारी रहने के दौरान आंकड़ों में बदलाव हुआ, इसलिए अंतिम संख्या प्रशासन की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही स्पष्ट मानी जाएगी।

NDRF और SDRF ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही NDRF और SDRF की टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस, दमकल विभाग, प्रशासन और स्थानीय लोगों की मदद से भारी मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया।
रेस्क्यू टीमों ने जेसीबी और अन्य भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया। अधिकारियों को आशंका थी कि कुछ और मजदूर मलबे के नीचे फंसे हो सकते हैं। रात तक भी तलाशी अभियान जारी रहने की जानकारी सामने आई।
SP ने कहा- निर्माण सुरक्षा और नक्शे की होगी जांच
अंबाला के पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने हादसे की जानकारी लेते हुए कहा कि रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के बाद निर्माण से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि इमारत का नक्शा स्वीकृत था या नहीं और निर्माण में किसी तरह की लापरवाही तो नहीं हुई।
पुलिस के अनुसार, निर्माण सुरक्षा से जुड़े नियमों और नगर निगम से संबंधित मंजूरियों की भी जांच की जाएगी। यदि जांच में किसी तरह की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो उसके आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हादसे की वजह अभी साफ नहीं
हादसे की वास्तविक वजह अभी जांच का विषय है। कुछ स्थानीय लोगों और चश्मदीदों ने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए हैं। एक चश्मदीद के मुताबिक, दीवारों की मोटाई और स्लैब को पर्याप्त समय दिए जाने को लेकर सवाल हैं।
हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए हादसे की वजह के बारे में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। पुलिस और संबंधित विभाग निर्माण की स्थिति, स्वीकृत नक्शे और सुरक्षा मानकों की जांच करेंगे।
मृतकों की पहचान की जानकारी सामने आई
रिपोर्टों के मुताबिक, हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों में राजेंद्र कुमार, कालिया राम, शास्त्री राम और रूप सिंह की पहचान की गई थी। इनमें कुछ मजदूर उत्तर प्रदेश और पंजाब से जुड़े बताए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने घायलों के उपचार के लिए टीमों को अलर्ट रखा। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान और घायल मजदूर मिलने की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
कुमारी सैलजा ने जताया दुख
हादसे पर कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने भी दुख जताया। उन्होंने मृत मजदूरों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से मलबे में फंसे सभी लोगों को सुरक्षित निकालने और घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश और घायलों को चिकित्सा सहायता पहुंचाना है। इसके बाद निर्माण कार्य में संभावित लापरवाही और इमारत की मंजूरी से जुड़े पहलुओं की जांच आगे बढ़ेगी।
अंबाला के धूलकोट में निर्माणाधीन तीन मंजिला इमारत का गिरना कई परिवारों के लिए बड़ा हादसा बन गया है। शुरुआती चरण में चार मौतों की पुष्टि के बाद बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या छह बताई गई। रेस्क्यू अभियान के साथ अब निर्माण सुरक्षा, नक्शे की मंजूरी और संभावित लापरवाही की जांच भी महत्वपूर्ण होगी। हादसे की अंतिम तस्वीर प्रशासन की जांच और आधिकारिक आंकड़ों से ही स्पष्ट होगी।
