
मध्य प्रदेश के सतना जिले के चर्चित देवांगना घाटी सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। भरतकूप थाना क्षेत्र के मड़फा जंगल में हुई मुठभेड़ के दौरान 50 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि उसके दो साथी अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है।
जंगल में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़
पुलिस को सूचना मिली थी कि वारदात में शामिल आरोपी बाइक से जंगल के रास्ते गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर एसओजी और बहिलपुरवा थाना पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार खुद को घिरा देख आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ भोले पटेल के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
एक पुलिसकर्मी भी हुआ घायल
मुठभेड़ के दौरान बहिलपुरवा थाने में तैनात सिपाही राघवेंद्र की बांह में गोली लगी। घायल पुलिसकर्मी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बताया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है।

दो आरोपी अब भी फरार
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किया गया आरोपी देवांगना घाटी गैंगरेप मामले का मुख्य आरोपी है। वहीं उसके दो साथी प्रवीण पटेल और विवेक पटेल जंगल का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार कॉम्बिंग ऑपरेशन चला रही हैं।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार 22 जुलाई की शाम सतना जिले की 20 वर्षीय युवती अपने 17 वर्षीय मित्र के साथ देवांगना घाटी घूमने गई थी। आरोप है कि तीन युवकों ने पहले नाबालिग साथी को बंधक बनाया और फिर युवती को जंगल में ले जाकर सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी दोनों को धमकी देकर फरार हो गए थे।
तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने साइबर सेल, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम बनाई। जांच में 18 स्थानों के 374 सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, 58 संदिग्धों से पूछताछ हुई और लगभग 6 हजार मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल तथा लोकेशन का विश्लेषण किया गया। पुलिस का कहना है कि इन्हीं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की गई।
