
नीट पेपर लीक कांड ने इस साल हजारों छात्रों के सपनों और भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वर्षों तक दिन रात एक करके मेहनत करने वाले कई छात्रों की मेहनत एक झटके में टूटती नजर आई है। परीक्षा प्रणाली पर उठे सवालों और अनिश्चितता के माहौल ने छात्रों के मानसिक दबाव को और बढ़ा दिया है। कई छात्र ऐसे हैं जो दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं और इसी तनाव में टूटते जा रहे हैं। यह स्थिति शिक्षा व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
पटना हॉस्टल में समस्तीपुर की छात्रा श्रुति की आत्महत्या
इसी तनावपूर्ण माहौल के बीच एक और दर्दनाक घटना सामने आई है जहां समस्तीपुर की रहने वाली छात्रा श्रुति कुमारी ने पटना के एक हॉस्टल में आत्महत्या कर ली। यह घटना पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र स्थित सचिवालय कॉलोनी के राधे कृष्ण हॉस्टल की है। मंगलवार दो जून को छात्रा का शव उसके कमरे से बरामद किया गया। बताया जा रहा है कि श्रुति पिछले वर्ष से इसी हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। घटना के समय वह अपने कमरे में अकेली थी और रात में खाना खाने के बाद सो गई थी। सुबह जब दरवाजा नहीं खुला तो मामला संदिग्ध हुआ और बाद में उसकी मौत की पुष्टि हुई।

पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव की आशंका
छात्रा के दोस्तों के अनुसार श्रुति अक्सर यह कहती थी कि उसके माता पिता उससे बात नहीं करते हैं जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहती थी। वह दस दिन पहले ही अपने गांव से पटना लौटी थी और दोबारा पढ़ाई में जुट गई थी लेकिन अंदर ही अंदर वह काफी तनाव में थी। घटना की जानकारी मिलते ही फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच पूरी की गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों से संपर्क किया गया है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या परीक्षा का दबाव और पारिवारिक तनाव मिलकर छात्रों को इस हद तक मजबूर कर रहे हैं।
देशभर में बढ़ते छात्र आत्महत्या के मामले
नीट पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितताओं के बीच देश में छात्र आत्महत्याओं के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इससे पहले मध्य प्रदेश के मऊगंज जिले की आकांक्षा चतुर्वेदी ने भी इसी तरह का कदम उठाया था। वह पढ़ाई में बहुत होशियार मानी जाती थी और उसका परीक्षा प्रदर्शन भी अच्छा रहा था लेकिन पेपर लीक की खबरों ने उसे गहरे सदमे में डाल दिया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से आने वाली आकांक्षा के पिता ने डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज तक लिया था लेकिन इस घटना ने पूरे परिवार की उम्मीदों को तोड़ दिया। उसके सुसाइड नोट ने पूरे मामले को और भी दर्दनाक बना दिया था जिसमें उसने अपने माता पिता से माफी मांगी थी।