
देवभूमि उत्तराखंड की पावन नगरी ऋषिकेश में तीन जून से अखिल भारतीय महापौर परिषद के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए ऋषिकेश नगर निगम और स्थानीय प्रशासन ने सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। शहर को विशेष रूप से सजाया गया है और आयोजन स्थल पर सुरक्षा से लेकर व्यवस्थाओं तक हर पहलू पर ध्यान दिया गया है। यह सम्मेलन शहरी विकास और नगर प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर राष्ट्रीय स्तर पर विचार-विमर्श का एक बड़ा मंच माना जा रहा है।
नटराज होटल में होगा वैचारिक महाकुंभ
यह राष्ट्रीय सम्मेलन ऋषिकेश के नटराज होटल में आयोजित किया जाएगा जहां देशभर के महापौर एक साथ एक मंच पर एकत्र होंगे। सम्मेलन की अध्यक्षता अखिल भारतीय महापौर परिषद की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं हरियाणा के करनाल की महापौर श्रीमती रेणु बाला गुप्ता करेंगी। कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया जाएगा। इस आयोजन को लेकर प्रशासन और आयोजकों के बीच समन्वय लगातार जारी है ताकि किसी भी स्तर पर कोई कमी न रह जाए और यह सम्मेलन सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

देशभर के महापौर साझा करेंगे अनुभव और मॉडल
मंगलवार को कार्यक्रम की तैयारियों का निरीक्षण करते हुए रेणु बाला गुप्ता ने कहा कि यह सम्मेलन शहरी विकास के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि वह हरियाणा की करनाल जैसी विकसित नगर व्यवस्था का अनुभव यहां साझा करेंगी ताकि अन्य शहर भी स्मार्ट सिटी और स्वच्छता मॉडल को बेहतर तरीके से लागू कर सकें। सम्मेलन में देश के लगभग साठ शहरों के महापौर शामिल हो रहे हैं जो अपने अपने शहरों की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा करेंगे। इससे शहरी प्रशासन के नए मॉडल विकसित होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विकास और संस्कृति का संगम बनेगा यह सम्मेलन
सम्मेलन के दौरान स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और नगर निकायों की वित्तीय चुनौतियों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तीन अलग अलग सत्रों में गहन चर्चा होगी। इसके साथ ही सभी अतिथि महापौरों के लिए त्रिवेणी घाट पर भव्य गंगा आरती का विशेष आयोजन भी किया गया है जो इस सम्मेलन का प्रमुख आकर्षण रहेगा। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक कार्यक्रमों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत किया जाएगा। समापन सत्र में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत और कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा की उपस्थिति इस आयोजन को और अधिक महत्वपूर्ण बनाएगी और इसे एक ऐतिहासिक सम्मेलन का स्वरूप देगी।