
सोशल मीडिया हस्ती नाजिया इलाही खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सोशल मीडिया पोस्ट और एक पॉडकास्ट में कथित तौर पर की गई विवादित टिप्पणियों को लेकर हरियाणा के पानीपत में दायर याचिका पर अदालत ने संज्ञान लेते हुए उन्हें नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने नाजिया इलाही खान को 27 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए हैं। इस मामले ने कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है।
मुस्लिम लीगल ऐड ट्रस्ट ने दायर की याचिका
यह याचिका मुस्लिम समुदाय के कुछ प्रतिनिधियों और मुस्लिम लीगल ऐड ट्रस्ट की ओर से दायर की गई है। ट्रस्ट के चेयरमैन एवं अधिवक्ता मोमिन मलिक के अनुसार, पॉडकास्ट के दौरान नाजिया इलाही खान ने इस्लाम, मुस्लिम समाज, मुस्लिम महिलाओं, पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब और हजरत आयशा से जुड़े विषयों पर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे समुदाय की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायतकर्ताओं ने अदालत में संबंधित वीडियो, दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी प्रस्तुत किए हैं। उनका कहना है कि ट्रस्ट का उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा करना है और इसी कारण अदालत का दरवाजा खटखटाया गया।

कोर्ट में दोनों पक्ष रखेंगे अपना पक्ष
अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब इस मामले में नियमित कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की गई है, जहां शिकायतकर्ता और नाजिया इलाही खान दोनों को अपना-अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा। अदालत दोनों पक्षों की दलीलें और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।
नाजिया इलाही खान का पक्ष अभी सामने नहीं आया
मोमिन मलिक ने नाजिया इलाही खान को एक विवादित सार्वजनिक व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि वह पहले भी अपने कई बयानों को लेकर चर्चा में रही हैं। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों पर नाजिया इलाही खान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी मामले में अंतिम निष्कर्ष अदालत की सुनवाई और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही तय होगा। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और आगे की सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।