
दिल्ली में संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन राजनीतिक हलचल के साथ सड़कों पर भी आंदोलन तेज हो गया। जंतर-मंतर से लेकर राजीव चौक मेट्रो स्टेशन तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे। इसी बीच भूख हड़ताल, सरकार से संभावित वार्ता और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़े घटनाक्रम सामने आए, जिसने पूरे मामले को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।
राजीव चौक मेट्रो पर दिखा अलग नजारा
देश के सबसे व्यस्त मेट्रो स्टेशनों में शामिल राजीव चौक पर बड़ी संख्या में CJP समर्थक पहुंचे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मोबाइल फोन थे और वे घटनास्थल की वीडियो रिकॉर्डिंग करते दिखाई दिए। बढ़ती भीड़ को देखते हुए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहीं।
अभिजीत दीपके ने खत्म की भूख हड़ताल
आंदोलन से जुड़ी एक बड़ी खबर यह रही कि CJP से जुड़े अभिजीत दीपके ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी। इससे पहले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भूख हड़ताल पर थे, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद अभिजीत दीपके ने अनशन की जिम्मेदारी संभाली थी।

सरकार से वार्ता का दावा
प्रदर्शन के बीच CJP के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए बुलाया गया है। उनके अनुसार, प्रतिनिधिमंडल की जल्द ही केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात हो सकती है। हालांकि इस संभावित बैठक को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
NEET और बेरोजगारी आंदोलन के केंद्र में
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं है। संगठन की प्रमुख मांगों में NEET एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करना, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग शामिल है। इन्हीं मुद्दों को लेकर ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया गया।
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, हालात पर नजर
प्रदर्शन को देखते हुए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर सहित कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रभावित रहा। पुलिस और प्रशासन ने अतिरिक्त बल तैनात कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि आंदोलन और सरकार के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है।