
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन द्वारा दिए गए प्रतिष्ठित ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार कमांडर ग्रैंड क्रास’ सम्मान को पूरे देश के लिए गौरव का क्षण बताया है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे भारत का सम्मान है। मांझी के अनुसार यह दर्शाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की साख लगातार मजबूत हो रही है। दुनिया के कई देश अब भारत को नई दृष्टि से देख रहे हैं और यह बदलाव प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि है। यह सम्मान भारत की कूटनीतिक और वैश्विक भूमिका को और अधिक मजबूत करता है।
मोदी के नेतृत्व में बढ़ा भारत का मान दुनिया भर में बनी नई पहचान
मीडिया से बातचीत के दौरान जीतनराम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भारत की वैश्विक छवि में ऐतिहासिक सुधार हुआ है। उन्होंने बताया कि मोदी ने अपने निर्णयों और नेतृत्व क्षमता से भारत को एक नई पहचान दिलाई है। आज दुनिया के बड़े देश भारत के साथ साझेदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया बल्कि लगातार किए गए प्रयासों का परिणाम है। मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारत को वैश्विक मंच पर सम्मानजनक स्थान दिलाया है और यह देश के लिए गर्व की बात है।

विधायक ज्योति देवी पर हमले से भड़के मांझी प्रशासन पर उठाए गंभीर सवाल
इसी बीच बाराचट्टी की विधायक ज्योति देवी पर हुए हमले को लेकर केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने प्रशासन और पुलिस व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि मांझी समाज की एक महिला विधायक बनकर क्षेत्र का नेतृत्व कर रही है। मांझी ने इस घटना को लोकतंत्र पर हमला बताया और कहा कि यह बेहद चिंता का विषय है कि जनप्रतिनिधि ही सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं और तत्काल सख्त कार्रवाई की जरूरत है।
थाना प्रभारी पर गंभीर आरोप आठ दिन का अल्टीमेटम और आंदोलन की चेतावनी
केंद्रीय मंत्री ने मोहनपुर थाना प्रभारी की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि जब विधायक अपने क्षेत्र के दौरे पर निकली थीं तो पुलिस की जिम्मेदारी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना था। लेकिन थाना प्रभारी ने गाड़ी में तेल न होने का बहाना बनाकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ लिया। मांझी ने इसे पूरी तरह गैरजिम्मेदाराना रवैया बताया और प्रशासन को आठ दिनों का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सड़क पर उतरकर आंदोलन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर डीएम और डीआईजी कार्यालय का घेराव भी किया जाएगा।
राजनीतिक माहौल गरम सम्मान और विवाद दोनों ने बढ़ाई हलचल
इस पूरे मामले के बाद राजनीतिक माहौल काफी गर्म हो गया है। एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने से एनडीए और भाजपा खेमे में उत्साह का माहौल है। वहीं दूसरी तरफ विधायक पर हमले और पुलिस प्रशासन पर लगे आरोपों ने विपक्ष और स्थानीय स्तर पर बहस तेज कर दी है। दोनों घटनाओं ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर प्रशासन की आगे की कार्रवाई और इस विवाद के समाधान पर टिकी हुई है।