विराट कोहली से मिली सीख, स्वास्तिक चिकारा ने 82 रन से मचाया धमाल

यूपी टी20 लीग में मेरठ मावेरिक्स के ओपनर स्वास्तिक चिकारा ने एक बार फिर अपनी बल्लेबाजी का दम दिखाया। भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में उन्होंने गोरखपुर लायंस के खिलाफ सिर्फ 45 गेंदों पर 82 रन ठोक दिए।
उनकी पारी में नौ चौके और चार छक्के शामिल रहे। इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत मेरठ ने 206/6 का सीजन का सबसे बड़ा स्कोर खड़ा किया और मुकाबला 36 रन से अपने नाम किया।
विराट कोहली से मिली बड़ी सीख
मैच के बाद चिकारा ने अपनी बल्लेबाजी की सफलता का श्रेय मेहनत और तैयारी को दिया। उन्होंने बताया कि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ समय बिताते हुए विराट कोहली को करीब से देखना उनके लिए काफी सीखने वाला अनुभव रहा।
चिकारा के मुताबिक कोहली से उन्होंने सबसे अहम बात यह सीखी कि अभ्यास पर ध्यान देना चाहिए और मैदान पर अपना 100 प्रतिशत देना चाहिए। यही सोच अब उनकी तैयारी का हिस्सा बन चुकी है।
IPL अनुभव ने बढ़ाया आत्मविश्वास
चिकारा ने शानदार यूपी टी20 प्रदर्शन के बाद अपना पहला IPL कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया था। वह RCB के उस दल का हिस्सा रहे, जिसने 2025 में IPL खिताब जीता था।

इससे पहले 2024 के यूपी टी20 सीजन में उन्होंने 499 रन बनाकर टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए थे। उनका औसत 49.90 और स्ट्राइक रेट 185.50 रहा था। उस दौरान उन्होंने तीन अर्धशतक और एक शतक लगाया था।
छक्कों का भी बनाया खास रिकॉर्ड
गोरखपुर लायंस के खिलाफ 82 रन की पारी केवल टीम की जीत तक सीमित नहीं रही। चिकारा ने इस दौरान यूपी टी20 के इतिहास में 100 छक्के पूरे करने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बनने का रिकॉर्ड भी अपने नाम किया।
उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता के साथ शॉट चयन की स्पष्टता नजर आई। चिकारा ने खुद कहा कि उन्हें खड़े होकर छक्के लगाना पसंद है।
मेरठ की रणनीति में अहम भूमिका
चिकारा ने बताया कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी और टीम को अंदाजा था कि बड़ा स्कोर बनाया जा सकता है। मेरठ मावेरिक्स ने पावरप्ले का फायदा उठाने की रणनीति अपनाई और चिकारा ने शुरुआत से ही गेंदबाजों पर दबाव बनाया।
उनकी तेज शुरुआत ने टीम को 200 के पार पहुंचने की मजबूत नींव दी।
अब नजर बड़े लक्ष्यों पर
चिकारा की नजर अब पूरे सीजन को यादगार बनाने पर है। उन्होंने सबसे बेहतर स्ट्राइक रेट, सबसे ज्यादा रन और सबसे ज्यादा छक्के लगाने को अपना लक्ष्य बताया है।
उनके पास IPL का अनुभव है, घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का आत्मविश्वास है और विराट कोहली जैसे दिग्गज से मिली सीख भी। ऐसे में यह सीजन उनके लिए केवल रन बनाने का नहीं, बल्कि खुद को बड़े मंच के लिए तैयार करने का मौका भी है।
स्वास्तिक चिकारा की 82 रन की पारी ने एक बार फिर साबित किया कि प्रतिभा को सही तैयारी और बड़े खिलाड़ियों से मिली सीख मिल जाए तो प्रदर्शन का स्तर बदल सकता है। अब देखना होगा कि यह युवा बल्लेबाज आने वाले मुकाबलों में अपने लक्ष्य तक कितनी तेजी से पहुंचता है।
