गरिमा सिंह के खिलाफ शिकायत के 7 दिन बाद डॉक्टर ने दी जान, सुसाइड नोट में लगाए गंभीर आरोप

गोरखपुर में पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा सिंह की मौत ने कथित साइबर/लोन ठगी के मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस को मिले सुसाइड नोट में उन्होंने गरिमा सिंह और उसके गिरोह को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया। डॉक्टर के परिवार की शिकायत पर अब आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।
सुसाइड नोट में गरिमा सिंह और गिरोह का नाम
गोरखपुर के बसंत एनक्लेव अपार्टमेंट में गुरुवार सुबह 45 वर्षीय पशु चिकित्सक डॉ. परमात्मा सिंह की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, उनकी जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए गरिमा सिंह और उसके कथित गिरोह को जिम्मेदार बताया।
सीसीटीवी फुटेज में डॉक्टर के अपार्टमेंट से निकलने और छत की ओर जाने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। घटना के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
ठगी के बाद आर्थिक दबाव में थे डॉक्टर
डॉ. परमात्मा सिंह महराजगंज के नौतनवा में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी डॉ. सुमित्रा सिंह भी सरकारी पशु चिकित्सक हैं। परिवार के मुताबिक, कथित लोन फ्रॉड के बाद डॉक्टर पर भारी आर्थिक दबाव था।
डॉक्टर ने 5 अगस्त 2026 को गरिमा सिंह के खिलाफ करीब 1.40 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने आरोप लगाया था कि होम लोन बंद कराने का झांसा देकर उनसे कई बैंकों से पर्सनल लोन कराया गया और रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कराई गई।

परिवार ने बताया- बैंक की EMI को लेकर थे परेशान
डॉ. सुमित्रा सिंह के अनुसार, उनके पति बैंक की लगातार आ रही कॉल और भारी EMI को लेकर बेहद तनाव में थे। परिवार का कहना है कि कथित ठगी के बाद उनकी आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ा था।
डॉक्टर की बहन रंजना सिंह ने भी बताया कि परिवार को उनकी परेशानी की जानकारी थी और वह उनसे मिलने आने वाली थीं।
गरिमा सिंह पर कई लोगों से ठगी का आरोप
पुलिस की जांच में गरिमा सिंह और उसके पिता ध्रुव नारायण सिंह के खिलाफ पहले से कार्रवाई हो चुकी है। दोनों को 3 अगस्त को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
परिवार और पुलिस के सामने आई शिकायतों के मुताबिक, गरिमा पर डॉक्टरों, अधिकारियों और अन्य लोगों को लोन दिलाने या लोन बंद कराने का झांसा देकर रकम हड़पने के आरोप हैं। मामले में कई शिकायतें सामने आने की बात भी कही जा रही है।
अब आत्महत्या के लिए उकसाने का केस
डॉ. परमात्मा सिंह के चचेरे भाई दिलीप सिंह की तहरीर पर गोरखनाथ थाने में गरिमा सिंह और उसके कथित गिरोह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस अब सुसाइड नोट, सीसीटीवी फुटेज, बैंक लेनदेन और डॉक्टर द्वारा पहले दी गई शिकायत को जांच का हिस्सा बनाएगी। जेल में बंद आरोपियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
बच्चों और परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
डॉ. परमात्मा सिंह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। उनकी 7 वर्षीय बेटी और 12 वर्षीय बेटा घटना के बाद बेहद सदमे में हैं। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
यह मामला अब सिर्फ एक डॉक्टर की मौत तक सीमित नहीं रह गया है। कथित लोन फ्रॉड, आर्थिक दबाव, धमकी और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपों की जांच के जरिए पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि डॉक्टर को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा और उनकी मौत के लिए जिम्मेदारी किसकी बनती है।
