पंजाब में छुट्टी के दिन खुले सरकारी स्कूल, BLO ड्यूटी को लेकर कर्मचारियों ने उठाए सवाल

पंजाब में मतदाता सूची से जुड़े कार्यों के लिए बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) की सहायता के उद्देश्य से महीने के दूसरे शनिवार और रविवार को सरकारी तथा एडिड स्कूल खुले रखे गए। स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के तहत अवकाश के बावजूद कर्मचारियों को स्कूल बुलाया गया, ताकि मतदान केंद्रों पर तैनात BLO को आवश्यक सहयोग मिल सके। हालांकि, इस व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों के बीच कई व्यावहारिक और प्रशासनिक सवाल उठने लगे हैं।
सभी बूथों पर समान व्यवस्था नहीं होने पर सवाल
जानकारी के अनुसार, कई मतदान केंद्र सरकारी और एडिड स्कूलों में बनाए गए हैं, लेकिन बड़ी संख्या में बूथ पंचायत घर, पंचायत धर्मशाला, इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय, निजी स्कूल, आईटीआई, कृषि विभाग और बिजली बोर्ड जैसी अन्य सरकारी इमारतों में भी स्थापित किए गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि इन स्थानों पर तैनात BLO को समान प्रकार की अतिरिक्त सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई, जिससे व्यवस्था में असमानता दिखाई देती है।

छुट्टी वाले दिन ड्यूटी, अब प्रतिपूरक अवकाश की मांग
दूसरे शनिवार और रविवार को ड्यूटी लगाए जाने के बाद कई कर्मचारियों, विशेषकर महिला कर्मचारियों, ने आकस्मिक अवकाश (Casual Leave) के लिए आवेदन दिए। इससे स्कूल प्रमुखों के सामने यह सवाल खड़ा हो गया कि साप्ताहिक अवकाश वाले दिन स्वीकृत अवकाश को किस नियम के तहत समायोजित किया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि जब उन्हें छुट्टी के दिन सरकारी कार्य के लिए बुलाया गया है, तो नियमानुसार उन्हें दो प्रतिपूरक (Compensatory) अवकाश मिलने चाहिए।
मानव संसाधन के बेहतर उपयोग की भी उठी मांग
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि कई बड़े सरकारी स्कूलों में 50 से 100 तक कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि वहां केवल 4 या 5 मतदान बूथ बने थे। ऐसे में कुछ BLO की सहायता के लिए पूरे स्टाफ को दोनों छुट्टी वाले दिनों में बुलाना संसाधनों का उचित उपयोग नहीं माना जा सकता। कर्मचारियों ने मांग की है कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों के लिए स्पष्ट नीति बनाई जाए और छुट्टी वाले दिन ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों को प्रतिपूरक अवकाश देने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।