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बिहार में नाबालिगों से बदसलूकी के मामलों पर तेजस्वी का हमला, जमुई-समस्तीपुर-बांका को लेकर सरकार से सवाल

बिहार में नाबालिग लड़कियों से कथित बदसलूकी और मारपीट से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। जमुई और समस्तीपुर के बाद बांका के मंदार पर्वत से सामने आए वीडियो पर भी पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी बीच नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं।

तीन जिलों के मामलों से बढ़ी राजनीतिक हलचल

पिछले कुछ दिनों में बिहार के जमुई, समस्तीपुर और बांका से नाबालिग या कम उम्र की लड़की के साथ कथित दुर्व्यवहार से जुड़े वीडियो सामने आए हैं। इन घटनाओं ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा पैदा की है और पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे हैं।

जमुई मामले में एक वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की और कई गिरफ्तारियां कीं। मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया गया। पुलिस के मुताबिक मामले में सात आरोपियों की पहचान की गई थी।

बिहार में नाबालिगों से बदसलूकी के मामलों पर तेजस्वी का हमला, जमुई-समस्तीपुर-बांका को लेकर सरकार से सवाल

समस्तीपुर मामले में चार आरोपी गिरफ्तार

जमुई के बाद समस्तीपुर से भी एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक लड़की के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और मारपीट दिखाई दी। समस्तीपुर पुलिस के मुताबिक वीडियो की तकनीकी जांच के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने बताया कि घटना जगत सिंहपुर गांव के पास एक पुल के निकट हुई थी और मामला भारतीय न्याय संहिता, POCSO और IT Act की संबंधित धाराओं में दर्ज किया गया।

बांका के मंदार पर्वत का वीडियो भी वायरल

अब बांका के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित मंदार पर्वत से कथित तौर पर एक नाबालिग लड़की के साथ दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आया है। वीडियो में कुछ युवक लड़की को घेरते और उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं।

बांका पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए छह अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की पहचान करने में जुटी है।

हालांकि इस मामले में वीडियो की तारीख को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। वीडियो पर 3 सितंबर की तारीख दिखाई देती है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में फुटेज करीब छह महीने पुराना होने की आशंका जताई गई है। इसलिए घटना की वास्तविक तारीख की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।

तेजस्वी यादव ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

इन घटनाओं को लेकर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने जमुई मामले में बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी, समस्तीपुर मामले में हुई कार्रवाई और बांका के आरोपियों की पहचान को लेकर सवाल उठाए।

तेजस्वी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बिहार की कानून-व्यवस्था पर गंभीर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से जवाब मांगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध के मामलों में आरोपियों की सामाजिक और जातीय पृष्ठभूमि को देखकर कार्रवाई की जा रही है।

ये तेजस्वी यादव और RJD की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं। इनके समर्थन में स्वतंत्र जांच या न्यायिक निष्कर्ष को इस समय अंतिम तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता।

चिराग पासवान ने अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि केवल गिरफ्तारी या मुठभेड़ से ऐसी घटनाएं नहीं रुकेंगी। उनके मुताबिक उन अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए जिनके क्षेत्र में ऐसी घटनाएं हो रही हैं।

चिराग ने कहा कि खुलेआम किसी लड़की के साथ बदसलूकी की घटना गंभीर विषय है और प्रशासन को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

वीडियो वायरल करने पर भी पुलिस की नजर

इन मामलों में अपराध के वीडियो का सोशल मीडिया पर प्रसार भी पुलिस के लिए अलग चुनौती बन गया है। जमुई मामले में पुलिस ने नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो को शेयर करने वाले करीब 120 सोशल मीडिया प्रोफाइलों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। पुलिस ने लोगों से वीडियो को आगे साझा नहीं करने की अपील भी की थी।

नाबालिग पीड़ित की पहचान उजागर करना कानूनी रूप से गंभीर मामला हो सकता है। इसलिए वायरल वीडियो को शेयर करने के बजाय पुलिस को सूचना देना अधिक उचित है।

पुलिस जांच के नतीजे का इंतजार

जमुई और समस्तीपुर मामलों में पुलिस ने गिरफ्तारियां की हैं, जबकि बांका मामले में छह अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद पहचान की प्रक्रिया चल रही है। बांका वीडियो की वास्तविक तारीख और घटना की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।

ऐसे में फिलहाल तीनों मामलों को एक ही समय पर हुई घटनाओं के रूप में जोड़ना सावधानी के बिना उचित नहीं होगा। अलग-अलग मामलों की जांच और पुलिस रिकॉर्ड से ही वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट होंगी।

जमुई, समस्तीपुर और बांका से सामने आए वीडियो ने बिहार में नाबालिगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस तेज कर दी है। पुलिस ने जमुई और समस्तीपुर मामलों में गिरफ्तारियां की हैं, जबकि बांका में छह अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई है। इस बीच तेजस्वी यादव ने सरकार से जवाबदेही और कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे हैं। अब पुलिस जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि बांका की घटना कब हुई और वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान कौन हैं।

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