निशांत कुमार को Z सुरक्षा मिलने पर बिहार में सियासी बवाल तेज हुआ

बिहार में राजनीतिक हलचल उस समय तेज हो गई जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को गृह विभाग की ओर से Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई। यह फैसला शनिवार 18 अप्रैल को लिया गया था, जिसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाने शुरू कर दिए हैं। सुरक्षा देने के इस निर्णय को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है, जिससे राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।
सरकार पर लगाया पक्षपात का आरोप
आरजेडी प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि एक तरफ नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को लंबे समय से Z+ सुरक्षा नहीं दी गई, वहीं दूसरी ओर निशांत कुमार को Z श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई। उन्होंने इसे सत्ता का पक्षपातपूर्ण रवैया बताया और आरोप लगाया कि सरकार अपने लोगों को विशेष लाभ देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। आरजेडी ने इसे लोकतंत्र के खिलाफ कदम बताया है।

कांग्रेस ने उठाए गंभीर सवाल, ‘किस पद पर हैं निशांत कुमार’
बिहार कांग्रेस प्रवक्ता डॉ. स्नेहाशीष वर्धन ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पूछा कि निशांत कुमार किस संवैधानिक या प्रशासनिक पद पर हैं, जिसके आधार पर उन्हें सरकारी सुरक्षा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि यह जनता के टैक्स का दुरुपयोग है और इसे उचित नहीं ठहराया जा सकता। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि यह निर्णय राजनीतिक प्रभाव और नियंत्रण की रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ी सियासत
पूरा मामला अब पूरी तरह से राजनीतिक रंग ले चुका है, जहां विपक्ष सरकार पर अपने करीबियों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगा रहा है। आरजेडी और कांग्रेस दोनों ने सुरक्षा व्यवस्था के इस फैसले को सवालों के घेरे में खड़ा किया है। विपक्ष का कहना है कि लोकतंत्र में सुरक्षा जैसी सुविधाएं योग्यता और आवश्यकता के आधार पर मिलनी चाहिए, न कि राजनीतिक संबंधों के आधार पर। इस विवाद के और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।