पंखा रोड पर प्रशासनिक लापरवाही से बढ़ी परेशानी, रोजाना घंटों जाम में फंस रहे लाखों लोग

दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के द्वारका, डाबरी और पालम जैसे घनी आबादी वाले इलाकों को उत्तम नगर, जनकपुरी और बाहरी दिल्ली से जोड़ने वाला पंखा रोड इन दिनों भीषण ट्रैफिक जाम का केंद्र बन गया है। लाखों लोगों की रोजाना आवाजाही वाले इस प्रमुख मार्ग पर दिल्ली जल बोर्ड की अधूरी खोदाई और बैरिकेडिंग के कारण सड़क का बड़ा हिस्सा बंद है। फ्लाईओवर के नीचे सड़क संकरी हो जाने से ‘बाटल नेक’ की स्थिति बन गई है, जिसके चलते सुबह से देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहती हैं। रोज़मर्रा के यात्रियों के साथ-साथ दफ्तर जाने वाले कर्मचारी और स्कूली बच्चे भी इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
बीच सड़क रखे कूड़ेदानों ने बढ़ाई मुश्किल
पहले से मौजूद ट्रैफिक समस्या को नगर निगम की व्यवस्था ने और गंभीर बना दिया है। सीतापुरी चौक पर बने स्थायी ढलाव घर से कुछ ही दूरी पर मुख्य सड़क के बीचों-बीच बड़े कूड़ेदान रख दिए गए हैं। इससे सड़क का उपयोगी हिस्सा और कम हो गया है। सुबह और शाम के व्यस्त समय में इन कूड़ेदानों के आसपास बड़ी संख्या में आवारा पशु जमा हो जाते हैं, जिससे वाहन चालकों को अचानक ब्रेक लगाने पड़ते हैं। इससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है और राहगीरों की सुरक्षा भी प्रभावित हो रही है।

एम्बुलेंस और आपातकालीन सेवाएं भी हो रही प्रभावित
यह मार्ग केवल आम लोगों के लिए ही नहीं बल्कि एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। लगातार लगने वाले जाम के कारण कई बार आपातकालीन वाहन भी समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाते। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी बड़ी दुर्घटना या जान-माल के नुकसान की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से की त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय निवासियों और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि दिल्ली जल बोर्ड जल्द से जल्द अपनी पाइपलाइन और सड़क निर्माण का कार्य पूरा कर मार्ग को पूरी तरह चालू करे। साथ ही नगर निगम मुख्य सड़क पर रखे कूड़ेदानों को हटाकर ढलाव घर के अंदर व्यवस्थित करे, ताकि यातायात सामान्य हो सके। लोगों का कहना है कि यदि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें तो पंखा रोड पर लगने वाले लंबे जाम से लाखों लोगों को राहत मिल सकती है।