
देशभर में छात्रों और युवाओं के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा किए गए अपने संदेश में उन्होंने छात्रों से पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान देने की अपील की तथा शिक्षा सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।
इस्तीफे की जानकारी X पर साझा की
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने त्यागपत्र की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए कहा कि यह उनके लिए प्रतिष्ठा का विषय नहीं था। उन्होंने लिखा कि छात्रों का समय आंदोलन में नहीं, बल्कि पढ़ाई और अपने करियर को बेहतर बनाने में लगना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजने का निर्णय लिया। उन्होंने अपनी X प्रोफाइल से “शिक्षा मंत्री” शब्द भी हटा दिया।
छात्रों के भविष्य को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता
अपने संदेश में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह चार दशक से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के कार्यों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने देश की युवाशक्ति को भारत की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माता हैं। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को भ्रम और भटकाव से बचाना सभी की जिम्मेदारी है।

प्रधानमंत्री और सहयोगियों का जताया आभार
पूर्व शिक्षा मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन, विश्वास और सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। साथ ही मंत्रिपरिषद के सहयोगियों, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों का भी धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा उनके जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और वह आगे भी पूरी निष्ठा के साथ देश की सेवा करते रहेंगे।
36 दिनों से जारी है CJP का आंदोलन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP का प्रदर्शन पिछले 36 दिनों से जारी है। आंदोलन की शुरुआत शांतिपूर्ण तरीके से हुई थी, लेकिन 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शन तेज हो गया। इसके बाद देश के कई हिस्सों में भी छात्रों का विरोध प्रदर्शन फैल गया। इसी बीच धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री को भेज दिया।
इस्तीफा स्वीकार होने की आधिकारिक पुष्टि बाकी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक उनके इस्तीफे को आधिकारिक रूप से स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई थी। इस बीच CJP के प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा तथा जितेंद्र सिंह के बीच बातचीत जारी है। माना जा रहा है कि वार्ता सफल रहने पर आंदोलन समाप्त करने को लेकर निर्णय लिया जा सकता है।