
पंजाब में लगातार सामने आ रही धमाकों की घटनाओं के बीच अब राज्य की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। बुधवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया जब पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann और पंजाब भाजपा अध्यक्ष Sunil Jakhar को बम से उड़ाने की धमकी मिली। जानकारी के अनुसार यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई है जिसमें मुख्यमंत्री आवास के साथ-साथ पंजाब भाजपा मुख्यालय और दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय का भी जिक्र किया गया है। धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए साइबर सेल और खुफिया एजेंसियों को भी जांच में लगाया गया है। पंजाब पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है और कई सरकारी भवनों की निगरानी तेज कर दी गई है। लगातार बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच यह मामला अब राज्य की कानून व्यवस्था को लेकर बड़ी चिंता बन गया है।
जालंधर और अमृतसर धमाकों के बाद बढ़ी चिंता
दरअसल पिछले कुछ दिनों में पंजाब में कई संदिग्ध विस्फोट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मंगलवार रात जालंधर में बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर धमाका हुआ था। इसके कुछ घंटे बाद अमृतसर के खासा सेना छावनी क्षेत्र के पास भी विस्फोट की घटना सामने आई। हालांकि इन घटनाओं में किसी के घायल होने की सूचना नहीं मिली लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीर माना है। इन धमाकों के बाद पूरे पंजाब में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था। पुलिस ने कई संदिग्धों से पूछताछ भी शुरू की है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने आम लोगों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। विपक्षी दल भी राज्य सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं और कानून व्यवस्था को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि एक के बाद एक धमकियों और धमाकों की घटनाएं राज्य में किसी बड़े नेटवर्क की सक्रियता की ओर इशारा कर सकती हैं।

पटियाला धमाके के तार ISI समर्थित मॉड्यूल से जुड़े
इससे पहले 27 अप्रैल को पटियाला के शंभू इलाके में रेल पटरी पर हुए धमाके ने भी सुरक्षा एजेंसियों को चौंका दिया था। इस मामले में पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े बताए जा रहे चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि यह मॉड्यूल खालिस्तान समर्थक गतिविधियों से जुड़ा हुआ था। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तार आरोपी पंजाब में अस्थिरता फैलाने की साजिश रच रहे थे। इसी वजह से अब हर नई धमकी को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि राज्य में सक्रिय कुछ आतंकी नेटवर्क माहौल खराब करने की कोशिश कर सकते हैं। यही कारण है कि मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं को मिली धमकी के बाद पुलिस ने कई संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान भी शुरू कर दिया है। राज्य के बड़े नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की भी दोबारा समीक्षा की जा रही है।
भगवंत मान के बयान पर भी सियासत तेज
अमृतसर और जालंधर धमाकों के बाद मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने इन घटनाओं को मामूली बताते हुए भाजपा पर पंजाब में डर का माहौल बनाने का आरोप लगाया था। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया। भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री पर सुरक्षा मामलों को हल्के में लेने का आरोप लगाया। अब जब खुद मुख्यमंत्री को धमकी मिली है तो राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। विपक्ष का कहना है कि पंजाब में कानून व्यवस्था लगातार बिगड़ रही है और सरकार हालात संभालने में नाकाम साबित हो रही है। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि धमकी देने वालों की पहचान जल्द कर ली जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल पूरे राज्य में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी लगातार बढ़ाई जा रही है।
