20 दिन के अनशन के बाद अस्पताल पहुंचे सोनम वांगचुक, हेल्थ बुलेटिन में सामने आई बड़ी जानकारी

करीब तीन सप्ताह से जारी भूख हड़ताल के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। अब अस्पताल की ओर से जारी पहले आधिकारिक हेल्थ बुलेटिन ने उनकी सेहत को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की हैं। हालांकि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई गई है, लेकिन डॉक्टरों ने लगातार निगरानी को बेहद जरूरी माना है।
हेल्थ बुलेटिन में क्या बताया गया?
रविवार को जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल की टीम सोनम वांगचुक का इलाज कर रही है। अस्पताल ने बताया कि उनके Vital Parameters फिलहाल स्थिर हैं, लेकिन लंबे समय तक उपवास करने की वजह से उनके Blood Parameters में कुछ बदलाव दर्ज किए गए हैं।

विशेषज्ञों की निगरानी में क्यों रखा गया है?
डॉक्टरों का कहना है कि लगातार 20 दिनों तक भोजन न करने से शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है। इसी कारण वांगचुक को मल्टी-डिसिप्लिनरी मेडिकल टीम की 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। उनका उद्देश्य किसी भी संभावित जटिलता की समय रहते पहचान कर तुरंत उपचार करना है।
21वें दिन पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया
सोनम वांगचुक शनिवार को अपने अनशन के 21वें दिन थे। सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर पहुंची और उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस कार्रवाई के पीछे उनकी बिगड़ती सेहत और दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला दिया। इस दौरान जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव भी देखने को मिला।
प्रदर्शन जारी, नए अनशन का ऐलान
वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने भूख हड़ताल शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने दिल्ली पुलिस पर दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोप लगाए तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस्तीफे की मांग करने की बात कही।
सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लंबी भूख हड़ताल के प्रभाव को देखते हुए डॉक्टर कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। आने वाले दिनों में उनकी मेडिकल रिपोर्ट और स्वास्थ्य में होने वाले बदलाव इस आंदोलन की दिशा और आगे की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
