
आरक्षण को लेकर बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान के बाद RJD और कांग्रेस ने NDA पर निशाना साधा है। विपक्ष ने आरक्षण के सवाल पर सरकार से स्पष्ट रुख अपनाने और सभी पक्षों के साथ संवाद करने की मांग की है।
चिराग के बयान पर बिहार में सियासी घमासान
‘आरक्षण सुधार आंदोलन’ के बीच केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। सोमवार, 24 अगस्त 2026 को RJD और कांग्रेस ने चिराग के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए NDA पर सवाल उठाए।
मामला सिर्फ आरक्षण तक सीमित नहीं है। बिहार में सामाजिक न्याय और पिछड़े, दलित वर्गों के अधिकारों को लेकर राजनीतिक दल लंबे समय से अपनी-अपनी स्थिति स्पष्ट करते रहे हैं। ऐसे में चिराग के बयान ने चुनावी राजनीति के बीच इस मुद्दे को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
RJD ने तेजस्वी यादव का नाम लेकर साधा निशाना
RJD प्रवक्ता शक्ति यादव ने चिराग पासवान के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के रहते किसी में आरक्षण पर बुरी नजर डालने की हिम्मत नहीं है।

उन्होंने दावा किया कि RJD लंबे समय से 65 प्रतिशत आरक्षण की मांग करती रही है। शक्ति यादव ने सवाल उठाया कि अगर चिराग आरक्षण के समर्थन में हैं तो उन्हें संसद में 65 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर भी अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
जीतन राम मांझी और JDU पर भी हमला
RJD प्रवक्ता ने दलित नेता जीतन राम मांझी और JDU को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता बीजेपी के सामने झुक गए हैं।
शक्ति यादव ने कहा कि लालू प्रसाद यादव और RJD शुरुआत से ही दलितों और पिछड़ों के अधिकारों की राजनीति करते रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी 65 प्रतिशत आरक्षण की मांग को लेकर आगे भी संघर्ष करती रहेगी।
कांग्रेस ने बातचीत की पैरवी की
बिहार कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने आरक्षण के मुद्दे पर अलग रुख अपनाते हुए सरकार से सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि आरक्षण अब बेहद संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। ऐसे में सरकार को संबंधित सभी पक्षों के साथ चर्चा करनी चाहिए और किसी भी तरह की गलतफहमी को दूर करने का प्रयास करना चाहिए।
‘समाज को भड़काना देशहित में नहीं’
असित नाथ तिवारी ने कहा कि देश की शांति, एकता और सद्भावना बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि समाज को तोड़ने या लोगों को उकसाने वाली राजनीति देश के हित में नहीं है।
कांग्रेस प्रवक्ता ने NDA सरकार से आरक्षण जैसे संवेदनशील विषय पर संयम और संवाद का रास्ता अपनाने की अपील की।
आरक्षण फिर बना राजनीतिक केंद्र
बिहार की राजनीति में आरक्षण का मुद्दा हमेशा से बेहद प्रभावशाली रहा है। अलग-अलग सामाजिक वर्गों के बीच प्रतिनिधित्व और अवसरों को लेकर राजनीतिक दल अपनी नीतियां पेश करते रहे हैं।
चिराग पासवान के बयान के बाद RJD और कांग्रेस की प्रतिक्रिया से साफ है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमा सकता है। अब निगाहें चिराग पासवान और NDA के दूसरे नेताओं की अगली प्रतिक्रिया पर रहेंगी।
