
इंदौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से एक साल तक सोना नहीं खरीदने की अपील के बाद सराफा कारोबारियों में चिंता का माहौल बन गया है। व्यापारियों का कहना है कि बाजार पहले से ही मंदी और कमजोर मांग से जूझ रहा है, ऐसे में इस तरह की अपील कारोबार को और प्रभावित कर सकती है। बुधवार को इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस सेवादल का एक प्रतिनिधिमंडल इंदौर के सराफा बाजार पहुंचा और व्यापारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस सेवादल के कार्यकारी अध्यक्ष विवेक खंडेलवाल के नेतृत्व में कई नेता सराफा बाजार पहुंचे। इस दौरान उन्होंने व्यापारियों को सांकेतिक रूप से “मोदी छाप ताले” के पोस्टर भी भेंट किए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि देश पहले ही आर्थिक मंदी, बेरोजगारी और घटती खरीद क्षमता जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। उनका कहना है कि ऐसे समय में प्रधानमंत्री की यह अपील लाखों लोगों को रोजगार देने वाले सराफा कारोबार के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है।

नोटबंदी और GST का भी उठा मुद्दा
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए नोटबंदी और जीएसटी व्यवस्था का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहले ही व्यापारियों को नोटबंदी और जटिल कर व्यवस्था का नुकसान उठाना पड़ा है और अब सोना खरीदने को लेकर की गई अपील बाजार में डर और अस्थिरता पैदा कर सकती है। नेताओं का कहना है कि छोटे दुकानदारों और कर्मचारियों की आजीविका पर इसका सीधा असर पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार व्यापारियों की चिंाओं को नजरअंदाज करती रही तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक इस मुद्दे को उठाएगी।
व्यापारियों ने जताई मंदी और नुकसान की आशंका
सराफा व्यापारी एसोसिएशन के अध्यक्ष हुकम सोनी ने भी बाजार की स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कारोबार पहले से कमजोर चल रहा है और ग्राहकों की संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है। ऐसे समय में सोना खरीदने को टालने जैसी अपील से बाजार पर और बुरा असर पड़ सकता है। व्यापारियों का मानना है कि इसका असर केवल दुकानदारों पर नहीं बल्कि सरकार के जीएसटी राजस्व पर भी पड़ेगा। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले इस तरह के माहौल से ग्राहकों में भ्रम बढ़ सकता है।