
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने पानीपत में जनता दरबार लगाकर आम जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें और मांगें लेकर पहुंचे, जिससे पूरे कार्यक्रम में जनसंपर्क और संवाद का माहौल देखने को मिला। जनता दरबार में विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं सामने आईं, जिनमें स्थानीय विकास, प्रशासनिक अड़चनें और व्यक्तिगत शिकायतें प्रमुख रहीं। मंत्री ने हर मामले को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस आयोजन का उद्देश्य जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद स्थापित करना बताया गया।
शहीद दमकल कर्मियों के लिए मुआवजे की मांग उठी
जनता दरबार के दौरान नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रतिनिधियों ने शिक्षा मंत्री को मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें फरीदाबाद अग्निकांड में शहीद हुए दमकल कर्मचारियों के परिवारों को उचित मुआवजा देने और उन्हें शहीद का दर्जा प्रदान करने की मांग की गई। प्रतिनिधियों ने कहा कि ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले कर्मचारियों के प्रति सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए। मंत्री महिपाल ढांडा ने आश्वासन दिया कि इस मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा और नियमों के तहत उचित कार्रवाई की कोशिश की जाएगी।

विकास कार्यों और अवैध कॉलोनियों पर सख्त रुख
मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि जनता दरबार में अधिकतर लोग व्यक्तिगत समस्याएं लेकर पहुंचे, जबकि विकास से जुड़ी शिकायतें अपेक्षाकृत कम रहीं। उन्होंने दावा किया कि राज्य में विकास कार्य तेज गति से चल रहे हैं और पहले से लंबित योजनाओं को अब निगरानी में पूरा किया जा रहा है। अवैध कॉलोनियों के मुद्दे पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि शहरों में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह विषय पहले भी कैबिनेट में उठाया जा चुका है और जल्द इस पर बड़ा निर्णय लिया जाएगा।
खिलाड़ियों का सम्मान और राजनीतिक सवालों पर संयमित प्रतिक्रिया
जनता दरबार के बाद शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को सम्मानित भी किया। मार्च 2026 में आयोजित ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी फुटबॉल प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीतने वाली खिलाड़ियों को टी-शर्ट, जूते और बैग देकर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान कांग्रेस के आंतरिक मामलों से जुड़े सवाल पर मंत्री ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह उनका व्यक्तिगत मामला है। उनका यह दौरा प्रशासनिक कामकाज के साथ-साथ सामाजिक और खेल प्रोत्साहन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।