
इंदौर के चर्चित ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई कुलभूषण उर्फ नाना पटवारी पहली बार मीडिया के सामने आए। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन्हें पूरे दिन हिरासत में रखा गया, लेकिन ड्रग्स मामले को लेकर उनसे कोई सवाल नहीं पूछा गया। उन्होंने कहा कि उन्हें हिरासत में लेने की वजह तक नहीं बताई गई।
तीन साल पहले तक ड्रग्स लेने की बात स्वीकार
नाना पटवारी ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि करीब तीन साल पहले तक वह नशा करते थे। हालांकि उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से उन्होंने पूरी तरह ड्रग्स और शराब दोनों छोड़ दिए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में उनका किसी भी तरह के नशीले पदार्थों से कोई संबंध नहीं है और उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।

गिरफ्तार आरोपियों से संबंध पर दी सफाई
ड्रग्स मामले में गिरफ्तार लोगों से रिश्ते को लेकर नाना पटवारी ने कहा कि आरोपी पहले कांग्रेस के कार्यकर्ता रहे हैं और चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काम कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी संजय कौशल का सर्विस सेंटर है, जहां उनकी गाड़ियां सर्विस और धुलाई के लिए जाती थीं। इसी वजह से उनसे सामान्य बातचीत होती थी, लेकिन इसका ड्रग्स कारोबार से कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस ने बताया राजनीतिक प्रताड़ना
इस पूरे मामले पर जीतू पटवारी ने सरकार पर विपक्ष को निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को राजनीतिक कारणों से परेशान किया जा रहा है और यदि जरूरत पड़ी तो वे जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे। वहीं उनके कानूनी सलाहकार ने बताया कि नाना पटवारी के खिलाफ दर्ज अधिकांश पुराने मामले किसान आंदोलन, चुनावी विरोध प्रदर्शन और राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े हैं। दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि ड्रग्स नेटवर्क की जांच जारी है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
