
अहमदाबाद में एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 दुर्घटना की जांच को लेकर एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक तैयार हो जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर तय की है।
सुप्रीम कोर्ट में AAIB ने क्या बताया?
एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि 12 जून 2025 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 हादसे की जांच अंतिम चरण में है और इसे अक्टूबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
AAIB की ओर से यह आश्वासन दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को निर्धारित की।
जांच सिर्फ DGCA तक सीमित नहीं
सुनवाई के दौरान AAIB की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि यह केवल डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की आंतरिक जांच नहीं है।

उन्होंने कहा कि जांच एयरक्राफ्ट (दुर्घटनाओं और घटनाओं की जांच) नियमों तथा लागू अंतरराष्ट्रीय विमानन प्रोटोकॉल के अनुसार की जा रही है। जिन देशों के नागरिक इस हादसे में मारे गए थे, उनके अधिकृत प्रतिनिधि और विशेषज्ञ भी जांच प्रक्रिया में शामिल हैं।
याचिका में क्या उठाए गए सवाल?
यह मामला हादसे में जान गंवाने वाले पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल के पिता और फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने जांच की गति और प्रकृति पर सवाल उठाते हुए अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की। उनका तर्क था कि जांच में देरी हुई है और इसे लेकर पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। यह याचिकाकर्ताओं का पक्ष है।
अक्टूबर में कोर्ट को सौंपी जाएगी अंतिम रिपोर्ट
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि अंतिम जांच रिपोर्ट अक्टूबर 2026 तक सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।
इससे पहले AAIB ने अदालत को बताया था कि जांच अगले कुछ सप्ताह में पूरी होने की संभावना है, लेकिन अब समयसीमा अक्टूबर तक बढ़ाई गई है।
क्या था AI-171 विमान हादसा?
12 जून 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। विमान एयरपोर्ट के पास स्थित एक मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया था।
इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 यात्रियों और क्रू सदस्यों की मौत हो गई थी। वहीं हॉस्टल में मौजूद 19 अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। इस दुर्घटना में कुल 260 लोगों की मौत हुई थी।