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लुधियाना के नायक सिकंदर सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गांव में शोक की लहर

पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं क्षेत्र के गगड़ा गांव निवासी नायक सिकंदर सिंह का शुक्रवार को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। भारतीय सेना की 5 सिख लाइट इन्फैंट्री में तैनात 33 वर्षीय सिकंदर सिंह का दिल्ली में ड्यूटी के दौरान कथित तौर पर हार्ट अटैक आने से निधन हो गया। शुक्रवार सुबह उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव पहुंचा, जहां सेना की टुकड़ी ने उन्हें अंतिम सलामी दी। उनके छोटे भाई ने मुखाग्नि दी।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही पत्नी रमनजीत कौर, दोनों मासूम बेटियां और अन्य परिजन बिलख पड़े। पूरे गांव और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। सिकंदर सिंह एक साधारण मजदूर परिवार से थे और तीन भाइयों में सबसे बड़े होने के कारण कम उम्र से ही परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे थे।

लुधियाना के नायक सिकंदर सिंह को सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई, गांव में शोक की लहर

पत्नी की पढ़ाई पूरी कराई, बेटियों के भविष्य की चिंता

पत्नी रमनजीत कौर ने बताया कि चार दिन पहले उनकी पति से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। उस दौरान उन्होंने सीने में तेज दर्द होने की बात कही थी और ठीक से बोल भी नहीं पा रहे थे। इसके बाद उनकी दो छोटी बेटियों से भी बात नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद सिकंदर सिंह ने उन्हें एमए और बीएड तक पढ़ाई पूरी कराई और हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सरकार से अपनी दोनों बेटियों के भविष्य की सुरक्षा और सहायता की अपील की है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद होगी मौत के कारण की पुष्टि

सेना के 5 सिख रेजिमेंट के सूबेदार गुरमीत सिंह ने बताया कि नायक सिकंदर सिंह यूनिट के एक अनुशासित और समर्पित सैनिक थे। उन्होंने अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी यूनिट में किसी को नहीं दी थी। फिलहाल प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक को मौत का कारण माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। सेना ने आश्वासन दिया है कि सिकंदर सिंह के परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी और उनकी समस्याओं का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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