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हरियाणा में दूध-घी के बढ़ेंगे दाम, चीका में तय हुए नए रेट; 1 अक्टूबर से लागू

हरियाणा में दूध और घी के दाम बढ़ाने की मुहिम लगातार आगे बढ़ रही है। हिसार, जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र के बाद अब गुहला-चीका में भी पशुपालकों और डेयरी संचालकों ने बैठक कर दूध और घी के नए भाव तय कर दिए हैं।

रविवार को पटियाला रोड स्थित किसान भवन, सर छोटूराम जनकल्याण ट्रस्ट चीका में डेयरी संचालकों और पशुपालकों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता चौधरी महा सिंह डेयरी के संचालक हरवंस सीड़ा ने की।

1 अक्टूबर से भैंस का दूध 100 रुपये लीटर

बैठक में बढ़ती महंगाई और पशुपालन व डेयरी कारोबार की बढ़ती लागत पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके बाद सर्वसम्मति से नए रेट निर्धारित करने का फैसला लिया गया।

निर्णय के मुताबिक, 1 अक्टूबर से भैंस का दूध 100 रुपये प्रति लीटर और गाय का दूध 80 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचने पर सहमति बनी है।

यह रेट शहर और गांव दोनों जगह लागू करने की बात कही गई है।

पशुओं के चारे की बढ़ी लागत बनी वजह

डेयरी संचालकों का कहना है कि पशुओं के चारे और अन्य जरूरी सामान की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इससे पशुपालकों की लागत काफी बढ़ गई है।

हरवंस सीड़ा ने बताया कि कुछ समय पहले भैंसों को खिलाई जाने वाली खल का एक कट्टा करीब 1,800 रुपये में मिलता था, जबकि अब इसकी कीमत बढ़कर करीब 3,000 रुपये प्रति कट्टा हो गई है।

इसके अलावा सरसों के तेल और पशुओं के लिए इस्तेमाल होने वाले अन्य आहार की कीमतों में भी बढ़ोतरी का दावा किया गया है।

डेयरी कारोबार पर बढ़ रहा लागत का दबाव

पशुपालकों और डेयरी संचालकों के मुताबिक, चारे की कीमत बढ़ने के साथ पशुओं के रखरखाव और डेयरी संचालन का खर्च भी बढ़ रहा है।

बैठक में कहा गया कि मौजूदा लागत के बीच पुराने दूध के भाव पर कारोबार करना मुश्किल होता जा रहा है। इसी वजह से नए रेट निर्धारित करने का फैसला लिया गया।

हरियाणा में दूध-घी के बढ़ेंगे दाम, चीका में तय हुए नए रेट; 1 अक्टूबर से लागू

घी के भी तय किए गए नए भाव

बैठक में सिर्फ दूध ही नहीं, बल्कि घी के नए भाव भी निर्धारित किए गए। सर्वसम्मति से भैंस के घी का भाव 1,500 रुपये प्रति लीटर और गाय के घी का भाव 2,200 रुपये प्रति लीटर करने पर सहमति बनी है।

पशुपालकों ने दूध और घी की गुणवत्ता बनाए रखने को लेकर भी सामूहिक नियम तय किए हैं।

मिलावट करने पर 5,100 रुपये जुर्माना

बैठक में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जुर्माने का प्रावधान भी किया गया है। निर्णय के मुताबिक, यदि कोई व्यक्ति तय मानकों का उल्लंघन करता है या दूध और घी में मिलावट कर उसे बेचता है, तो उस पर 5,100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

इस नियम का उद्देश्य उपभोक्ताओं तक गुणवत्तापूर्ण दूध और घी पहुंचाना बताया गया है।

अब ग्राहकों की नजर नए रेट पर

दूध रोजमर्रा की जरूरत से जुड़ा उत्पाद है, इसलिए कीमतों में बदलाव का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ सकता है। वहीं पशुपालकों का तर्क है कि बढ़ती लागत के बीच दूध के उचित दाम मिलना जरूरी है।

चीका में तय किए गए नए रेट अब 1 अक्टूबर से लागू किए जाने की बात कही गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि नए भाव पर स्थानीय बाजार और उपभोक्ताओं की प्रतिक्रिया कैसी रहती है।

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