आईफोन vs एंड्रॉयड सर्वे में बड़ा खुलासा यूजर्स की वफादारी चौंकाने वाली

एक ताजा सर्वे में सामने आया है कि स्मार्टफोन बाजार में ब्रांड लॉयल्टी के मामले में आईफोन यूजर्स का कोई मुकाबला नहीं है। 2007 में पहला आईफोन लॉन्च होने के बाद से ऐप्पल ने अपने यूजर बेस को लगातार मजबूत किया है। SellCell द्वारा अमेरिका में किए गए इस सर्वे में 5,000 लोगों को शामिल किया गया, जिसमें यह साफ हुआ कि आईफोन यूजर्स अपने ब्रांड के प्रति बेहद वफादार हैं। वहीं दूसरी ओर एंड्रॉयड यूजर्स में ब्रांड बदलने की प्रवृत्ति अपेक्षाकृत अधिक पाई गई है।
96.4% आईफोन यूजर्स फिर से आईफोन ही खरीदना चाहते हैं
सर्वे के मुताबिक आईफोन यूजर्स में ब्रांड लॉयल्टी बेहद मजबूत है। जब उनसे पूछा गया कि अगला फोन कौन सा लेंगे, तो 96.4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे फिर से आईफोन ही खरीदेंगे। केवल 3.6 प्रतिशत यूजर्स ने एंड्रॉयड की ओर जाने की बात कही। अगर 2021 के आंकड़ों से तुलना की जाए तो उस समय 91.9 प्रतिशत यूजर्स आईफोन से जुड़े रहने की बात कर रहे थे, जो अब बढ़कर 96.4 प्रतिशत हो गया है। यह दर्शाता है कि ऐप्पल की पकड़ अपने यूजर्स पर और मजबूत हुई है।

एंड्रॉयड यूजर्स में दिखी ज्यादा स्विचिंग की संभावना
वहीं दूसरी तरफ एंड्रॉयड यूजर्स की स्थिति अलग है। सर्वे में शामिल 86.4 प्रतिशत एंड्रॉयड यूजर्स ने कहा कि वे अगला फोन भी एंड्रॉयड ही खरीदेंगे, लेकिन लगभग 13.6 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जो आईफोन की तरफ स्विच करने पर विचार कर रहे हैं। यह आंकड़ा आईफोन यूजर्स की तुलना में लगभग चार गुना ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि एंड्रॉयड इकोसिस्टम में यूजर शिफ्टिंग की संभावना ज्यादा रहती है, जबकि आईफोन यूजर्स काफी हद तक अपने प्लेटफॉर्म से जुड़े रहते हैं।
आईफोन की लोकप्रियता और इकोसिस्टम का असर
आईफोन की मजबूत लॉयल्टी के पीछे कई कारण सामने आए हैं। करीब 60.8 प्रतिशत यूजर्स ने कहा कि उन्हें iOS का अनुभव और उसकी सरलता पसंद है। वहीं 17.4 प्रतिशत यूजर्स का मानना है कि उन्होंने पहले ही ऐप्पल इकोसिस्टम में निवेश कर रखा है, जैसे मैकबुक, एप्पल वॉच और अन्य डिवाइस। इसके अलावा आईफोन को प्रीमियम स्टेटस सिंबल के रूप में भी देखा जाता है। दूसरी ओर कुछ यूजर्स ने एंड्रॉयड की तरफ जाने का कारण आईफोन की अधिक कीमत को बताया। ऐप्पल का मजबूत इकोसिस्टम और प्राइवेसी फीचर्स यूजर्स को लंबे समय तक कंपनी से जोड़े रखने में अहम भूमिका निभाते हैं।