इंदौर में अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान हंगामा, ADCP को धक्का देने का वीडियो वायरल

इंदौर के साउथ तोड़ा इलाके में बुधवार को अतिक्रमण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम के सामने हालात अचानक बिगड़ गए। कार्रवाई के विरोध में जुटी भीड़ और पुलिस के बीच तनाव बढ़ा तो एक युवक ने पीछे से एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। अधिकारी जमीन पर गिर पड़े। घटना का वीडियो अब सामने आया है।
भारी पुलिस बल के बीच पहुंची निगम टीम
नगर निगम की टीम बुधवार, 9 सितंबर को बड़ी मशीनरी के साथ अवैध निर्माण हटाने पहुंची थी। मौके पर 100 से अधिक निगमकर्मी, तीन पोकलेन और छह जेसीबी मशीनें तैनात थीं। किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस के 80 से ज्यादा जवान और अधिकारी भी मौजूद थे।
छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए
कार्रवाई के दौरान करीब 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्सों को हटाया गया। इसी बीच कुछ महिलाओं की पुलिसकर्मियों से बहस शुरू हो गई। महिलाओं का कहना था कि उन्हें नोटिस के मुताबिक सुबह 9 बजे तक अपना सामान हटाने का समय दिया गया था। इस मुद्दे पर धीरे-धीरे मौके पर भीड़ बढ़ने लगी।

मोबाइल कैमरों के बीच बढ़ा तनाव
भीड़ में मौजूद कई लोग अपने मोबाइल फोन से कार्रवाई का वीडियो बनाने लगे। स्थिति को बिगड़ता देख एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल खुद लोगों को पीछे हटाने के लिए आगे बढ़े। इसी दौरान उनके पीछे खड़े एक युवक ने कथित तौर पर झूमा-झटकी करते हुए अधिकारी को धक्का दे दिया।
धक्का लगते ही जमीन पर गिरे ADCP
धक्का लगने से एडिशनल डीसीपी का संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर पड़े। पुलिस ने तत्काल युवक को पकड़ लिया। उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया गया। घटना के बाद मौके पर पुलिस ने स्थिति संभाली और कार्रवाई आगे बढ़ाई।
आठ लोगों पर पुलिस की कार्रवाई
एसीपी विजय चौधरी के मुताबिक, रावजी बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान कुछ महिलाओं और पुरुषों ने उपद्रव किया। पुलिस ने तत्काल स्थिति नियंत्रित करते हुए आठ लोगों को धारा 151 के तहत गिरफ्तार किया। आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर शासकीय कार्य में बाधा डालने का मामला भी दर्ज किया गया है।
कार्रवाई से बड़ा सवाल भी सामने आया
अतिक्रमण हटाना प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन ऐसी कार्रवाई के दौरान विरोध और पुलिस की मौजूदगी के बीच तनाव बढ़ना नई चुनौती खड़ी करता है। साउथ तोड़ा की घटना में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के साथ धक्का-मुक्की ने हालात की गंभीरता बढ़ा दी। अब पुलिस कार्रवाई के साथ यह भी देखना होगा कि भविष्य में ऐसे अभियानों के दौरान संवाद और सुरक्षा व्यवस्था को कैसे बेहतर बनाया जाए।
