
हरियाणा सरकार ने राज्य के सभी बोर्ड, निगमों, वैधानिक निकायों और सरकारी नियंत्रण वाली संस्थाओं में चतुर्थ श्रेणी के रिक्त पदों को भरने का बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत अब सभी विभागों से रिक्त पदों का पूरा ब्योरा लगातार मांगा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य लंबे समय से खाली पड़े पदों को जल्द भरकर प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से की जाएगी, हालांकि चौकीदार और सफाई कर्मचारी के पद इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
मुख्य सचिव की सख्ती, 4 मई तक की अंतिम डेडलाइन
मुख्य सचिव कार्यालय ने इस प्रक्रिया को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों को 4 मई तक अंतिम समय सीमा दी है। चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय तक विभागों ने रिक्त पदों की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई, तो यह मान लिया जाएगा कि वहां कोई पद खाली नहीं है। इसके बाद सरकार सीधे भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ा देगी। मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि अब इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी हो सकती है।

पहले भी दी गई थी समय सीमा, लेकिन नहीं मिला पूरा डेटा
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार, इससे पहले 3 अप्रैल को भी सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को निर्देश जारी किए गए थे कि वे अपने-अपने विभागों के अंतर्गत आने वाले बोर्ड और निगमों में ग्रुप-डी के रिक्त पदों की जानकारी भेजें। इसके लिए 10 अप्रैल की समय सीमा तय की गई थी, लेकिन इसके बावजूद कई विभागों ने अब तक पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई है। केवल कुछ ही बोर्ड और एजेंसियों ने डेटा भेजा है, जबकि अधिकांश विभाग अभी भी लापरवाही बरत रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सरकार का जोर
मानव संसाधन विभाग की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि स्वीकृत पदों, भरे गए पदों, अनुबंध कर्मचारियों और हरियाणा अनुबंध कर्मचारी सेवा सुरक्षा अधिनियम 2024 के तहत नियुक्त कर्मचारियों की पूरी जानकारी अभी तक एकत्र नहीं हो सकी है। इसी कारण बार-बार रिमाइंडर जारी करने पड़े हैं। सरकार का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, ताकि रिक्त पदों को जल्द से जल्द भरा जा सके और युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकें।