
जिस चंबल क्षेत्र की पहचान कभी पिछड़ेपन और दस्यु समस्या से जुड़ी रही, वही इलाका अब उद्योग और निवेश की नई कहानी लिख रहा है। मालनपुर में गोदरेज की नई साबुन यूनिट की शुरुआत ने रोजगार, स्थानीय विकास और औद्योगिक विस्तार की उम्मीदों को मजबूत किया है।
मालनपुर में औद्योगिक विस्तार की नई शुरुआत
मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में 26 अगस्त को गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड की नई यूनिट शुरू हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इसका शुभारंभ किया। कंपनी ने इस यूनिट में 450 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
सरकार के मुताबिक, नई इकाई से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और चंबल की औद्योगिक तस्वीर को मजबूती मिलेगी।
एशिया की बड़ी साबुन निर्माण इकाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि मालनपुर में स्थापित यह यूनिट एशिया के बड़े साबुन निर्माण केंद्रों में शामिल होगी। यहां प्रति मिनट करीब 4,000 साबुन बनाए जाने की क्षमता बताई गई है।
गोदरेज के मुताबिक, मालनपुर में कंपनी का रिश्ता करीब 35 साल पुराना है। वर्ष 1991 में यहां साबुन निर्माण की शुरुआत हुई थी। अब नई यूनिट के विस्तार के साथ कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को और बढ़ा रही है।

450 करोड़ के निवेश से रोजगार की उम्मीद
नई यूनिट को केवल एक औद्योगिक परियोजना के तौर पर नहीं देखा जा रहा। इसका सीधा असर स्थानीय रोजगार पर पड़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कंपनी से स्थानीय युवाओं के कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का भी आग्रह किया।
खास तौर पर महिलाओं के लिए रोजगार और सुरक्षित कार्यस्थल पर जोर दिया गया है। कंपनी ने नाइट शिफ्ट में महिलाओं को काम के अवसर देने की दिशा में भी सुविधाओं का उल्लेख किया।
एमओयू से जमीन तक पहुंचा निवेश
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का जोर केवल निवेश समझौते करने पर नहीं, बल्कि उन्हें जमीन पर उतारने पर है। उन्होंने दावा किया कि मध्य प्रदेश में अलग-अलग क्षेत्रों में 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश विभिन्न चरणों में आकार ले रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य की निर्यात क्षमता बढ़कर करीब 76 हजार करोड़ रुपये हो गई है। सरकार अब चंबल और ग्वालियर क्षेत्र को निवेश के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
चंबल की बदलती पहचान
मालनपुर का विस्तार चंबल क्षेत्र के लिए प्रतीकात्मक महत्व भी रखता है। जिस इलाके को कभी दस्यु समस्या के कारण अलग नजर से देखा जाता था, वहां अब उद्योग, विनिर्माण और रोजगार की चर्चा हो रही है।
सरकार ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग समेत अन्य औद्योगिक परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम कर रही है। ऐसे निवेश से स्थानीय कारोबार और सहायक उद्योगों को भी गति मिलने की उम्मीद है।
मलेरिया के खिलाफ भी साझेदारी
कार्यक्रम में गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन निसाबा गोदरेज ने मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम में कंपनी के प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कंपनी वर्ष 2030 तक मध्य प्रदेश को मलेरिया मुक्त बनाने के प्रयासों में राज्य सरकार के साथ काम करने को तैयार है।
मालनपुर की नई यूनिट इसलिए भी अहम है क्योंकि यह निवेश की रकम से आगे की कहानी है। अगर स्थानीय युवाओं को कौशल, रोजगार और नए उद्योगों से जुड़ने का अवसर मिलता है, तो यह परियोजना चंबल की उस नई पहचान को मजबूत कर सकती है, जहां बंदूक और बदनामी की जगह उद्योग और रोजगार की बात हो।
