
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फतेहपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक और नकल माफिया के मुद्दे पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब केवल दो ही जगह होंगी—जेल या जहन्नुम।
फतेहपुर में विकास परियोजनाओं का लोकार्पण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को फतेहपुर सदर और अयाह-शाह विधानसभा क्षेत्रों में ₹489 करोड़ से अधिक लागत की 125 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने विकास कार्यों का उल्लेख करने के साथ-साथ पेपर लीक, नकल माफिया और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी अपनी सरकार का पक्ष रखा।
कांग्रेस और सपा पर साधा निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि नकल माफिया को संरक्षण देने की विरासत कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उनके अनुसार, केंद्र सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानून ला रही है, जिसमें कम से कम 10 वर्ष की सजा और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान होगा।

पेपर लीक और कार्रवाई का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा समय पर कराई गई और परिणाम भी निर्धारित समय के भीतर घोषित किया गया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक में शामिल कुछ आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, एनटीए के कुछ अधिकारियों को हटाया गया है और दोषियों की संपत्तियां जब्त करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने इन कदमों को छात्रों के भविष्य की सुरक्षा के लिए आवश्यक बताया।
युवाओं और रोजगार पर सरकार का पक्ष
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, स्टैंडअप इंडिया और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसी योजनाओं के माध्यम से युवाओं को नए अवसर मिले हैं। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्षों में बड़ी संख्या में सरकारी नौकरियां और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं से कानून व्यवस्था और शिक्षा सुधार के प्रति सरकार पर विश्वास बनाए रखने की अपील भी की।
कानून-व्यवस्था और माफिया पर सख्ती का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और अवैध कब्जों पर बुलडोजर अभियान चलाया गया है। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर विकास की उपेक्षा और अवैध कब्जों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। यह बयान उनके राजनीतिक संबोधन का हिस्सा था, जिस पर विपक्ष का पक्ष अलग हो सकता है।