
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में चर्चित थार कांड को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। प्रीतम सिंह लोधी के एक और विवादित बयान ने राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। इस बार उन्होंने करैरा के एसडीओपी और आईपीएस अधिकारी आयुष जाखड़ को लेकर खुली धमकी दी है।
वायरल वीडियो में विधायक प्रीतम सिंह लोधी कहते नजर आ रहे हैं कि वे 5 से 10 हजार लोगों के साथ एसडीओपी के सरकारी बंगले का घेराव करेंगे और उसे “गोबर से भर देंगे।” उन्होंने आक्रामक लहजे में यह भी कहा कि पहले उनका हाथ “ढाई किलो का था, अब ढाई सौ किलो का हो गया है” और वे अधिकारी को “ठीक कर देंगे।” इस बयान के सामने आने के बाद मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया है।
बताया जा रहा है कि विधायक की नाराजगी की वजह उनके बेटे दिनेश लोधी के खिलाफ पुलिस कार्रवाई है। आरोप है कि उनके बेटे ने थार गाड़ी से पांच लोगों को कुचल दिया था। घटना के बाद शुरुआत में विधायक ने खुद पुलिस को फोन कर मामला दर्ज करवाने और बेटे को पुलिस के हवाले करने की बात कही थी। उस समय उन्होंने “जनता सर्वोपरि” होने की बात भी कही थी।
हालांकि, जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, विधायक का रुख बदलता नजर आया। अब वे खुले तौर पर अपने बेटे के समर्थन में उतर आए हैं और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में एक वीडियो जारी कर एसडीओपी आयुष जाखड़ को चुनौती देते हुए कहा कि वे करैरा आएंगे और चुनाव भी लड़ेंगे, “अगर दम है तो रोक लेना।” साथ ही उन्होंने 15 दिन में जवाब न मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
गौरतलब है कि एक दिन पहले भी उनका एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे कहते दिखे, “करेरा क्या तुम्हारे डैडी का है?” इस बयान ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा सवाल खड़ा किया और राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रीतम सिंह लोधी पिछोर विधानसभा क्षेत्र से आते हैं। उनके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामलों की जानकारी सामने आती रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कानून-व्यवस्था और राजनीतिक मर्यादा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और यह विवाद आगे किस दिशा में जाता है।