
हरियाणा की राजनीति में इन दिनों हिसार का मुद्दा सुर्खियों में है। हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में जेजेपी नेताओं के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले पर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि सरकार अपनी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है, जो लोकतंत्र के लिए सही नहीं है। उन्होंने बताया कि पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने बैठक कर आगे की रणनीति तय करने का निर्णय लिया है। इसी के तहत 27 अप्रैल को हिसार के क्रांतिमान पार्क में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें छात्रों से जुड़े मुद्दों और आगे की कार्रवाई पर चर्चा होगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालयों में एक विशेष राजनीतिक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। चौटाला ने कहा कि यह केवल उनकी पार्टी का मुद्दा नहीं है, बल्कि अन्य छात्र संगठनों ने भी इसका विरोध किया है। उन्होंने नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया और आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन का समर्थन करने के लिए धन्यवाद भी दिया।
दुष्यंत चौटाला ने विश्वविद्यालय में छात्रों पर बढ़ते दबाव का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों में चार छात्राओं ने आत्महत्या कर ली और हाल ही में एक छात्रा ने आत्महत्या की कोशिश की है। उनका आरोप है कि छात्रों की आवाज उठाने पर उन्हें दबाया जा रहा है और कई मामलों में कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए। चौटाला ने कहा कि उनकी शिकायत के बावजूद पिछले 72 घंटों में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। शिकायत में जान से मारने की धमकी का जिक्र होने के बावजूद कोई कार्रवाई न होना चिंताजनक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणा के डीजीपी उनका फोन तक नहीं उठा रहे हैं, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते हैं।
दुष्यंत चौटाला ने स्पष्ट किया कि अब यह लड़ाई सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अदालत तक जाएगी। उन्होंने कहा कि वे न्यायालय का रुख करेंगे ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके और सच्चाई जनता के सामने आ सके।
यह पूरा विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब हरियाणा में निकाय चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और भी संवेदनशील हो गया है। अब देखना होगा कि इस मामले में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आगे किस दिशा में जाता है।