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पंजाब में बेअदबी पर सख्त कानून लागू, उम्रकैद और भारी जुर्माने का प्रावधान

पंजाब में धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों पर अब सख्ती और बढ़ गई है। पंजाब सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी को लेकर बनाए गए सख्त कानून को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है। विधानसभा में पारित इस बिल को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद इसे एक्ट के रूप में नोटिफाई कर दिया गया है, जिससे राज्य की राजनीति में नया उबाल आ गया है।

नए कानून के तहत बेअदबी के दोषियों के लिए कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। अब यदि कोई श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करता है, तो उसे कम से कम 10 साल की सजा और अधिकतम उम्रकैद का सामना करना पड़ेगा। इसके साथ ही दोषी पर 5 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक का भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों की जांच अब डीएसपी स्तर से नीचे का कोई अधिकारी नहीं करेगा और मुकदमा सीधे सेशन कोर्ट में चलेगा।

इस कानून के लागू होते ही आम आदमी पार्टी (AAP) ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का कहना है कि यह कदम सिख समुदाय की भावनाओं की रक्षा के लिए उठाया गया है। AAP नेताओं ने शिरोमणि अकाली दल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह बेअदबी के मुद्दे पर गंभीर नहीं है।

AAP प्रवक्ता ने कहा कि जब यह बिल विधानसभा में पेश किया गया था, तब अकाली दल के कई नेता मौजूद नहीं थे और अब कानून बनने के बाद भी उनकी ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे यह सवाल उठता है कि जो पार्टी खुद को पंथ का रक्षक बताती है, वह इस मुद्दे पर कितनी गंभीर है।

वहीं, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी को भी AAP ने आड़े हाथों लिया है। पार्टी का कहना है कि इन दलों ने दावा किया था कि राज्यपाल इस बिल को मंजूरी नहीं देंगे, लेकिन अब यह कानून बन चुका है।

दूसरी ओर, कांग्रेस ने भी सरकार पर पलटवार करते हुए सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि नई सरकार 2015 के बेअदबी मामलों में अब तक न्याय दिलाने में विफल रही है।

गौरतलब है कि बेअदबी का मुद्दा पंजाब की राजनीति में बेहद संवेदनशील रहा है और पहले भी इसने बड़े राजनीतिक बदलाव लाए हैं। ऐसे में यह नया कानून न केवल कानून व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि आगामी चुनावों में सियासी समीकरण भी बदल सकता है।

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