
भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे कठिन दौर था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय लोकतंत्र सेनानियों पर कांग्रेस में शामिल होने और इंदिरा गांधी के समर्थन का दबाव बनाया जाता था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अतीत से कोई सबक नहीं लिया और उसकी कार्यशैली आज भी नहीं बदली है।
लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को बताया ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की लड़ाई स्वतंत्रता संग्राम जितनी महत्वपूर्ण थी। उनके संघर्ष की वजह से देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था सुरक्षित रही और आज एक सामान्य परिवार से निकलकर कोई भी व्यक्ति देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकता है। उन्होंने भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक राष्ट्र बताते हुए लोकतंत्र की रक्षा को सभी की जिम्मेदारी बताया।
संविधान के दुरुपयोग का लगाया आरोप
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस संविधान की बात करती है, लेकिन सबसे अधिक दुरुपयोग भी उसी ने किया। उन्होंने कहा कि भारत लगातार विकास कर रहा है, जबकि आजादी के समय साथ बने कई अन्य देशों में लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हुई है। उन्होंने पाकिस्तान का उदाहरण देते हुए भारत की लोकतांत्रिक मजबूती का उल्लेख किया।

लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई बड़ी घोषणाएं
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए कई नई सुविधाओं का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि उनके लिए विशेष तीर्थ यात्रा ट्रेन शुरू की जाएगी। साथ ही प्रदेश के रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस में दो दिन तक नि:शुल्क ठहरने की सुविधा दी जाएगी। दिवंगत लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान में गांवों और शहरों में शिलालेख स्थापित किए जाएंगे तथा पार्क, सड़क और खेल मैदान उनके नाम पर रखे जाएंगे।
इलाज, सम्मान और सुझावों पर भी रहेगा फोकस
मुख्यमंत्री ने नि:शुल्क चिकित्सा सुविधा और एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा भी की। जिन लोकतंत्र सेनानियों को अब तक ताम्रपत्र नहीं मिले हैं, उन्हें जल्द सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों के अनुभव और सुझावों को प्रदेश के विकास कार्यों में भी शामिल किया जाएगा।
भोपाल में आयोजित यह कार्यक्रम केवल आपातकाल की याद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान और कल्याण के लिए नई घोषणाओं का भी मंच बना। वहीं, कांग्रेस और आपातकाल के मुद्दे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव के राजनीतिक संदेश ने प्रदेश की सियासत को भी नई चर्चा दे दी।
