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छिंदवाड़ा बैंक डकैती की कोशिश नाकाम, पुलिस की बहादुरी से बचा करोड़ों का सोना और कैश

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में शनिवार सुबह बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई डकैती की कोशिश ने पूरे इलाके को दहला दिया। शटर काटकर बैंक में घुसे बदमाशों ने सुतली बम फेंके, रिकॉर्ड रूम में आग लगा दी और भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की त्वरित कार्रवाई और स्थानीय लोगों की सतर्कता ने उनकी पूरी साजिश नाकाम कर दी। इस दौरान घायल होने के बावजूद एक पुलिस अधिकारी ने अदम्य साहस दिखाते हुए आरोपी को पकड़ लिया।

शटर काटकर बैंक में घुसे बदमाश

घटना छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय के परासिया मार्ग स्थित बैंक ऑफ इंडिया शाखा की है। शनिवार को अवकाश होने के कारण बैंक बंद था और मौके पर सुरक्षा गार्ड भी मौजूद नहीं था। इसी का फायदा उठाकर बदमाश गैस कटर, हथौड़ा, छैनी और अन्य औजारों के साथ बैंक का शटर काटकर अंदर घुस गए।

हालांकि, शटर कटने की आवाज और संदिग्ध गतिविधियां देखकर आसपास के लोगों को शक हुआ। उन्होंने बिना देर किए कोतवाली पुलिस को सूचना दे दी, जिसके बाद पूरी कार्रवाई का रुख बदल गया।

पुलिस पहुंची तो शुरू हुआ हाई-वोल्टेज ड्रामा

सूचना मिलते ही पुलिस टीम बिना सायरन बजाए मौके पर पहुंची और बैंक को चारों तरफ से घेर लिया। जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, आरोपी ने खुद को घिरा देखकर एक के बाद एक सुतली बम फेंकने शुरू कर दिए। धमाकों से बैंक परिसर धुएं से भर गया।

छिंदवाड़ा बैंक डकैती की कोशिश नाकाम, पुलिस की बहादुरी से बचा करोड़ों का सोना और कैश

इतना ही नहीं, आरोपी ने सबूत मिटाने के इरादे से बैंक के रिकॉर्ड रूम में आग भी लगा दी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घायल होने के बाद भी आरोपी को नहीं छोड़ा

धुएं का फायदा उठाकर भाग रहे आरोपी को रोकने के दौरान उप निरीक्षक नारायण बघेल पर नुकीले हथियार से हमला किया गया। उनके हाथ में गंभीर चोट लगी और काफी खून बहा, लेकिन उन्होंने साहस नहीं खोया।

साथी पुलिसकर्मियों की मदद से उन्होंने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। पुलिस की इस बहादुरी की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की।

करोड़ों का सोना और कैश पूरी तरह सुरक्षित

एक आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आशंका जताई कि उसका साथी भी बैंक के अंदर छिपा हो सकता है। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे तक बैंक के हर हिस्से की गहन तलाशी ली गई।

बैंक प्रबंधन ने पुष्टि की कि स्ट्रॉन्ग रूम, लॉकर में रखा करोड़ों रुपये का सोना और नकदी पूरी तरह सुरक्षित है। बदमाश लॉकर तक पहुंचने की कोशिश तो कर रहे थे, लेकिन सफल नहीं हो सके।

फॉरेंसिक जांच शुरू, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक अजय पांडे मौके पर पहुंचे। एफएसएल और फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। जले हुए दस्तावेज, विस्फोटक सामग्री के अवशेष और सुतली बम के टुकड़े जब्त किए गए हैं।

पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात की साजिश कब और कैसे रची गई। शुरुआती जांच में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात भी सामने आई है।

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